
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेशभर में तीन दिवसीय शांति पदयात्रा निकालने जा रही है। पार्टी ने इस अभियान को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया है। इसी अभियान के तहत 4 नवंबर को गोरखपुर में बड़ी पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसका नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।
भाजपा ने गोरखपुर क्षेत्र से करीब 40 हजार कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। पार्टी इसे विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने के बड़े अभियान के रूप में पेश कर रही है।
रविवार को एनेक्सी भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और जनता के मन में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान और उसकी संस्थाओं की मर्यादा और सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।
पंकज चौधरी ने कांग्रेस की रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की घोषणा की गई थी, जबकि उनके आकलन के मुताबिक वहां 25 से 30 हजार लोग ही पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कुछ लोगों को दिल्ली में जुटाकर देशभर के समर्थन का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। भाजपा पदयात्रा के जरिए जनता तक यह संदेश पहुंचाना चाहती है कि देश के नागरिक संविधान और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं।
पदयात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक भी हुई। इसमें गोरखपुर क्षेत्र के सभी 12 जिलों के पार्टी पदाधिकारी, सांसद और विधायक शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं से हर मंडल, बूथ और घर तक पहुंचकर लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
प्रदेश महामंत्री और यात्रा प्रभारी दिलीप पटेल ने बताया कि गोरखपुर क्षेत्र के सभी 12 जिलों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा जनता के बीच सच पहुंचाने के संकल्प के साथ निकाली जा रही है। वहीं, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब जनता इस पदयात्रा के माध्यम से देगी।
2027 में भाजपा की वापसी का दावा
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक जमीन नहीं होने की बात कही थी। पंकज चौधरी ने कहा कि प्रदेश में किसकी सियासी जमीन मजबूत है, इसका फैसला जनता करेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का हवाला दिया। कानून-व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में किए गए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर सरकार बनाएगी और जीत की हैट्रिक लगाएगी।
गोरखपुर में होने वाली यह पदयात्रा भाजपा के लिए सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विपक्ष के आरोपों के बीच अपनी ताकत और संगठनात्मक तैयारियों को प्रदर्शित करने का अवसर भी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि 4 नवंबर को इस अभियान में कितनी भीड़ जुटती है और इसका प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।



