
उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को पहले पंजीकरण कराना होगा और निर्धारित काउंटर से पर्ची कटवानी होगी। इसके बाद ही उन्हें वीआईपी श्रेणी में मंदिर में प्रवेश मिल सकेगा। मंदिर प्रबंधन ने यह व्यवस्था दर्शन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत मंदिर के एग्जिट गेट नंबर-4 पर वीआईपी दर्शन के लिए विशेष काउंटर बनाया गया है। यहां मंदिर प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो श्रद्धालुओं का त्वरित पंजीकरण करके उन्हें पर्ची उपलब्ध कराएंगे। खास तौर पर मंदिर के सेवायत गोस्वामियों के यजमानों और विशिष्ट व्यक्तियों को इसी प्रक्रिया के माध्यम से वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन की सुविधा मिलेगी।
श्री बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के निर्देश पर वीआईपी दर्शन के दायरे को भी बढ़ाया गया है। अब सेवायत गोस्वामियों के यजमानों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों द्वारा लाए जाने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को भी पंजीकरण कराकर पर्ची लेनी होगी। बिना पर्ची के वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए दो अलग-अलग कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें से एक कर्मचारी पुलिसकर्मियों के माध्यम से आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन कर पर्ची जारी करेगा, जबकि दूसरा कर्मचारी सेवायत गोस्वामियों की ओर से लाए गए यजमानों का पंजीकरण करेगा। इससे वीआईपी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
वहीं, मंदिर में सामान्य दर्शन के समय में सर्दियों के मौसम के अनुसार व्यवस्था लागू है। सुबह के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलते हैं। इसके बाद मंदिर बंद रहता है। शाम को श्रद्धालु 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक दर्शन कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, बांके बिहारी मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए अब सीधे प्रवेश की जगह पंजीकरण और पर्ची की व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे में वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने के बाद सबसे पहले एग्जिट गेट नंबर-4 पर बने काउंटर से पर्ची प्राप्त करनी होगी।



