
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। बांदा के बबेरू में आयोजित जन अधिकार रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने खुद को देश का सबसे बड़ा गुंडा बता दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, धनंजय सिंह और अभय सिंह का नाम लेते हुए दावा किया कि ये सभी उनके यहां दरबार करते हैं। राजभर के इस बयान का वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनसभा को संबोधित करते हुए राजभर ने कहा, “जिसके यहां मुख्तार अंसारी हों, बृजेश सिंह हों, धनंजय सिंह हों या अभय सिंह जैसे लोग दरबार करते हैं, उससे बड़ा गुंडा भला कौन होगा। हमसे बड़ा गुंडा पूरे देश में कोई नहीं है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनके इस दावे को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
अपने भाषण में राजभर ने बांदा में भी एक बड़े गुंडे के रहने की जानकारी मिलने की बात कही। इसके बाद उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर किसी ने उन्हें आंख दिखाने की कोशिश की तो वह उसका मुकाबला करने की हैसियत रखते हैं। उनके भाषण का यह हिस्सा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
बबेरू की नवीन मंडी में आयोजित इस रैली में राजभर ने केवल अपने बयान से ही नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने की अपील से भी कार्यकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने लोगों से दूसरे राजनीतिक दलों के झंडे उठाने के बजाय अपनी पार्टी के लिए काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भागीदारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद्र प्रजापति समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
राजभर ने अपने संबोधन में दलित, पिछड़े, वंचित और शोषित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इन वर्गों को संगठित होकर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने का संदेश दिया। फिलहाल, उनके ‘सबसे बड़ा गुंडा’ वाले बयान और माफिया छवि से जुड़े नामों के उल्लेख ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।



