
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और तेहरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए बड़ा ऐलान किया है। अमेरिकी सरकार ने ऐसी जानकारी देने वालों के लिए 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 180 करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा की है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संबंध में जानकारी साझा की। इसके मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग का ‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम ईरान के परमाणु ठिकानों, उपकरणों और वैज्ञानिकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने वालों को 20 मिलियन डॉलर तक का इनाम दे सकता है। इसके साथ ही जानकारी देने वाले व्यक्ति को अपनी पसंद की जगह पर बसने यानी रिलोकेशन का विकल्प भी मिल सकता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्यों अटका है समझौता?
अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे और परमाणु हथियार विकसित करने की किसी भी संभावना को खत्म करे। वहीं, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी दबाव का विरोध करता रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की चेतावनी दे चुके हैं। दूसरी तरफ ईरान ने बातचीत के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद सहमति बनना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
ईरान ने रखीं सात शर्तें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत आगे बढ़ाने के लिए सात मांगें रखी हैं। इनमें युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई, जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना और आर्थिक प्रतिबंध हटाना शामिल है।
इसके अलावा ईरान अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करने, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और ईरान तथा हिजबुल्लाह सहित उसके सहयोगियों से जुड़े संघर्ष का स्थायी अंत चाहता है। ईरान की एक प्रमुख मांग यह भी है कि अमेरिका भविष्य में उसे धमकी नहीं देने की प्रतिबद्धता जताए।
क्या बातचीत का रास्ता निकल सकता है?
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और तेहरान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी काफी गहरे हैं।
अमेरिका की ओर से इनाम की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें चल रही हैं। अब देखना होगा कि इस घोषणा और कूटनीतिक दबाव के बीच ईरान-अमेरिका बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।



