मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

कश्मीर और केरल के बाद ‘2020 दिल्ली’ की फाइल फिर से खोली जाएगी, ट्रेलर देख हो जाएंगे रोंगटे खड़े

कश्मीर और केरल के बाद ‘2020 दिल्ली’ की फाइल फिर से खोली जाएगी, ट्रेलर देख हो जाएंगे रोंगटे खड़े

भारत की पहली सिंगल-शॉट फिल्म ‘2020 दिल्ली’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जो बहुत चर्चित हो गया है। यह फिल्म दिल्ली में हुए दंगों की अनकही सच्चाई को उजागर करेगी। फिल्म में शाहीनबाग में शुरू हुए CAA विरोध और दिल्ली में भड़के दंगों की कहानी दिखाई जाएगी। पूरी फिल्म की कथा 24 फरवरी 2020 के आसपास घूमती है, जब एक ओर डोनाल्ड ट्रम्प दिल्ली में थे और दूसरी ओर शहर दंगों की आग में जल रहा था।

इस फिल्म में बिजेंद्र काला, समर जय सिंह, सिद्धार्थ भारद्वाज और देवेंद्र मालवीय जैसे अभिनेता नजर आएंगे। यह फिल्म बताती है कि कैसे शाहीनबाग से शुरू हुआ CAA विरोध “नमस्ते ट्रम्प” तक पहुंचा। ‘2020 दिल्ली’ 24 फरवरी 2020 के एक पूरे दिन की कहानी है, जब एक ओर डोनाल्ड ट्रम्प दिल्ली में थे, तो दूसरी ओर शहर में दंगे फैल चुके थे, जिनमें 53 लोगों की जान गई थी।

फिल्म की कहानी ‘2020 दिल्ली’ के जरिए निर्माता देवेंद्र मालवीय ने दिल्ली के दंगों की कड़वी हकीकत को सामने लाने की कोशिश की है। यह फिल्म पड़ोसी देशों में हिंदू अल्पसंख्यकों की परेशानियों को भी उजागर करती है, खासतौर पर उन हिंदू महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों – जैसे बलात्कार, हत्या, धर्म परिवर्तन, और बंधुआ गुलामी – को दिखाती है। इस फिल्म में इन घटनाओं के बीच, भारत में शरण लेने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे रहे असंख्य हिंदुओं के दर्द को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

इस फिल्म की खास बात यह है कि यह देश की पहली वन-शॉट फिल्म है। वन-शॉट टेक्निक में सभी तत्वों का तालमेल, जैसे स्क्रिप्ट, कोरियोग्राफी, एक्टिंग, लाइटिंग, और सेट्स, इस तरह से किया जाता है कि एक ही शॉट में पूरी फिल्म की कहानी प्रस्तुत की जा सके। यह सिनेमा का एक अद्वितीय अनुभव है, जिसमें दर्शक को ऐसा महसूस होता है जैसे वे फिल्म के अंदर मौजूद हों।

Share This
अगला लेख → रेलवे ग्रुप डी भर्ती में आयु सीमा का क्या नियम है? यहां जाने…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
24°C
Patchy rain nearby
💧 93% 💨 4 km/h
Dehradun