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भारत के विकास में पावर सेक्टर की अहम भूमिका, केंद्रीय मंत्री ने इनोवेटिव सॉल्यूशंस पर दिया जोर

भारत के विकास में पावर सेक्टर की अहम भूमिका, केंद्रीय मंत्री ने इनोवेटिव सॉल्यूशंस पर दिया जोर

    केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘इलेक्रामा-2025’ कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे विकसित भारत की दिशा में देश की प्रगति को मजबूत करने के लिए नवाचार आधारित समाधान तैयार करें। इस आयोजन का आयोजन उद्योग संगठन आईईईएमए द्वारा किया गया था।

    मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली क्षेत्र देश को विकसित बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है और उद्योग जगत को इसे भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि देश में बिजली की संभावनाएं उज्ज्वल हैं, लेकिन ऊर्जा उत्पादन को अधिक कुशल और अभिनव तरीकों से बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्नत पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, उच्च गुणवत्ता वाले ट्रांसफार्मर, बिजली कन्वर्टर्स और स्मार्ट ग्रिड समाधानों के विकास पर ध्यान देना जरूरी है। इस कार्यक्रम में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

    मंत्री ने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और सरकार इसकी हिस्सेदारी को और बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे उच्च दक्षता वाले ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन उपकरणों के साथ-साथ जीआईएस सब-स्टेशन के विकास पर ध्यान केंद्रित करें, जिससे ग्रिड प्रणाली को आधुनिक बनाया जा सके।

    ईवी चार्जिंग ढांचे की जरूरत
    मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में आवश्यक कदमों पर जोर देते हुए कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए मजबूत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक बड़े अवसर के रूप में बताते हुए कहा कि बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, फास्ट चार्जर और वाहन-से-ग्रिड (V2G) सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है।

    मंत्री ने उद्योग जगत से अनुसंधान और नवाचार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया और निवेशकों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और उद्योग जगत मिलकर कार्य करें, तो 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

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