मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

इस गांव में पानी की भारी किल्लत, शादियां हो रही रद्द, युवक रह गए अविवाहित

इस गांव में पानी की भारी किल्लत, शादियां हो रही रद्द, युवक रह गए अविवाहित

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक का आदिवासी गांव बदाबरली इस समय गंभीर जल संकट से गुजर रहा है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बदाबरली के लोगों के लिए पानी अब एक सपना बनता जा रहा है। गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवार हर दिन पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव के सभी हैंडपंप खराब हो चुके हैं, और आसपास कहीं कोई तालाब या कुआं भी नहीं है।

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि गांव की लड़कियों की शादियां टल रही हैं, कई महिलाएं शादी के बाद ससुराल से वापस अपने मायके लौट गई हैं, क्योंकि वहां रहना अब आसान नहीं रह गया है। गांव के निवासी रवींद्र नाग बताते हैं, “यहां पानी की किल्लत इतनी ज्यादा है कि कोई अपनी बेटी की शादी इस गांव में नहीं करना चाहता। करीब 80 युवक आज भी अविवाहित हैं।”

पानी के लिए रोजाना 1.5 से 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है—या तो किसी झरने तक या फिर दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है।

गांव वालों का कहना है कि वे कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव को ‘वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है।

हालांकि बदाबरली सहित पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट बनाया गया था, लेकिन नेशनल हाईवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण वह योजना अब तक अधर में लटकी है।

RWSS के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने जानकारी दी कि पहले गांव में चार ट्यूबवेल थे, जिनमें से अब तीन बंद हो चुके हैं। वे यह भी कहते हैं कि जून तक इन गांवों में पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

गांव के लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

यह समस्या सिर्फ बदाबरली की नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। जब सड़क, बिजली और इंटरनेट गांव तक पहुंच सकता है, तो पीने का साफ पानी क्यों नहीं? सरकार को चाहिए कि वह इस आवश्यक और बुनियादी ज़रूरत पर प्राथमिकता के साथ काम करे, ताकि लोगों को उनके ही गांव में सम्मान और सुविधा के साथ जीवन जीने का हक मिले।

Share This
अगला लेख → महावीर जयंती के दिन इस जिले में मांस बिक्री पर रोक, 300 दुका…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 93% 💨 5 km/h
Dehradun