मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी

Ganesh Visarjan Muhurat 2025: अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के 5 शुभ मुहूर्त, बप्पा को विदाई देने का सही तरीका

Ganesh Visarjan Muhurat 2025: अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के 5 शुभ मुहूर्त, बप्पा को विदाई देने का सही तरीका

गणेश चतुर्थी का पावन त्योहार खेला-खूब धूमधाम से मनाया जाता है और इसका समापन अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के साथ होता है। 2025 में यह अवसर 6 सितंबर, शनिवार को है, जब भक्त गणपति बप्पा को श्रद्धा और भक्ति भाव से विदा करेंगे।

अनंत चतुर्दशी का दिन विशेष है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की भी पूजा होती है। इस दिन सुबह से लेकर रात तक कई शुभ मुहूर्त होते हैं जिनमें भक्त गणेश विसर्जन कर सकते हैं। प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं: सुबह 7:36 से 9:10 बजे, दोपहर 12:19 से 5:02 बजे, शाम 6:37 से 8:02 बजे, और रात्रि 9:28 बजे से अगले दिन 1:45 बजे तक।

गणेश विसर्जन की परंपरा में मूर्ति की विधिवत पूजा, आरती, भगवद भजन और माला थाऱना शामिल है। विसर्जन के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसलिए हल्के और पर्यावरण के अनुकूल रंगों से बनी मूर्तियों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

भक्‍त गणपति से उनकी कृपा और आशीर्वाद का धन्यवाद करते हैं और अगली बार बड़ी धूमधाम से स्वागत करने का संकल्प लेते हैं। यह त्यौहार भक्तों के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।

इस बार गणेश विसर्जन उत्सव में भक्तों को पर्यावरण संरक्षण का साथ देते हुए उत्सव को सफल बनाने का संदेश भी दिया जा रहा है ताकि प्रकृति और संस्कृति का संगम बना रहे।

Share
अगला लेख → दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, फसलें तबाह, घरों में पा…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *