मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

“हथियारों से होगा फ़ैसला: चीन यात्रा से लौटते ही पुतिन ने दी बड़ी चेतावनी, किसको है सीधा संदेश?”

“हथियारों से होगा फ़ैसला: चीन यात्रा से लौटते ही पुतिन ने दी बड़ी चेतावनी, किसको है सीधा संदेश?”

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन की दो दिवसीय राजकीय यात्रा से लौटते ही एक बार फिर अपने सख़्त रुख में नज़र आए। राजधानी मॉस्को में लौटकर उन्होंने वैश्विक मंच से कहा कि “कुछ विवाद केवल हथियारों की ताक़त से ही तय होंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह तीखा बयान पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और नाटो गठबंधन के लिए है, जिन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध में लगातार हथियार और वित्तीय मदद देने का आरोप मॉस्को लगाता आया है।

पुतिन की बीजिंग यात्रा में चीन ने रूस को आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का भरोसा दिया। ऊर्जा, रक्षा और व्यापार क्षेत्र में कई समझौते हुए। विश्लेषक मानते हैं कि चीन और रूस की नज़दीकियां पश्चिमी देशों के लिए नई भू-राजनीतिक चुनौती बन रही हैं।

“शांति की पेशकश हमने कई बार की, लेकिन अगर जवाब गोलियों से दिया जाएगा तो फ़ैसला भी हथियारों से ही होगा।” — पुतिन

उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पूर्वी यूरोप में तनाव फिर से बढ़ रहा है और यूक्रेन में सैन्य गतिविधियां तेज़ हो गई हैं।

विशेषज्ञों की राय:

“यह बयान रूस की सैन्य रणनीति का इशारा है।”

“पुतिन ने चीन से समर्थन पाकर एक तरह से पश्चिम को संदेश दिया है कि रूस वैश्विक मंच पर अकेला नहीं।”

Share
अगला लेख → “जालंधर में हड़कंप: जबरन वसूली केस में AAP विधायक रमन अरोड़ा…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *