मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

नेपाल में बांग्लादेश जैसा राजनीतिक भूचाल? जनता की 5 बड़ी मांगों से हिल रही सरकार l

नेपाल में बांग्लादेश जैसा राजनीतिक भूचाल? जनता की 5 बड़ी मांगों से हिल रही सरकार l

नेपाल एक बार फिर बड़े राजनीतिक संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में सोमवार से जारी जनप्रदर्शन ने सरकार की नींव हिला दी है। हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और तत्काल राजनीतिक व आर्थिक सुधार की मांग कर रहे हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि विश्लेषक इसे बांग्लादेश में हाल ही में हुए राजनीतिक उथल-पुथल से जोड़कर देख रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की 5 बड़ी मांगें इस प्रकार हैं:

भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम और स्वतंत्र जांच आयोग का गठन

युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी और नई नीति

महंगाई पर नियंत्रण और आवश्यक वस्तुओं पर सब्सिडी

राजनीतिक पारदर्शिता और नेताओं की विशेष सुविधाओं पर रोक

संविधान संशोधन द्वारा स्थानीय निकायों को ज्यादा अधिकार

संसद में भी विपक्ष ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता का धैर्य अब खत्म हो रहा है और अगर सरकार ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए तो स्थिति हाथ से निकल सकती है।

प्रधानमंत्री ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल की मौजूदा स्थिति एक चेतावनी संकेत है। यदि सरकार ने समय रहते जनता की मांगों को संबोधित नहीं किया, तो यह विरोध बांग्लादेश जैसे बड़े राजनीतिक भूचाल में बदल सकता है।

Share This
अगला लेख → वृंदावन में यमुना की भीषण बाढ़, प्रेमानंद महाराज नाव से पहुं…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
28°C
Moderate or heavy rain shower
💧 83% 💨 4 km/h
Dehradun