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कुशीनगर में नारायणी नदी का इस्तेमाल कर कीमती लकड़ी की धड़ल्ले से तस्करी, वन विभाग हुआ सतर्क l

कुशीनगर में नारायणी नदी का इस्तेमाल कर कीमती लकड़ी की धड़ल्ले से तस्करी, वन विभाग हुआ सतर्क l

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में अवैध तस्करों द्वारा कीमती लकड़ी की बड़े पैमाने पर तस्करी का मामला सामने आया है। वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद रविवार को नारायणी नदी के किनारे भेडियारी गाँव में छापा मारा गया, जहां भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई। यह लकड़ी नेपाल से अवैध तरीके से नदी के रास्ते कुशीनगर लायी जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक तस्कर नेपाल के गहरे जंगलों में खैर के पेड़ों की काट-छाँट कर नारायणी नदी में लकड़ी फेंक देते हैं। इसके बाद नाव के जरिए इस कीमती लकड़ी को सुरक्षित और गुप्त मार्ग से भारत के कुशीनगर जिले में लेकर आते हैं, जहां इसे बाजार में बड़ी रकम में बेचा जाता है। इस अवैध धंधे में नेपाल और भारत दोनों ओर कई तस्कर नेटवर्क जुड़े हुए हैं। प्रत्येक का अलग क्षेत्र और जिम्मेदारी होती है जिससे धंधा चलता है।

वन प्रवक्ता ने बताया कि 4 सितंबर को हुई इस छापेमारी में 47 बोटा खैर की लकड़ी जब्त की गई, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गए। विभाग ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए तेज़ी से कार्रवाई कर रहा है। इस लकड़ी की तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है, पिछले कुछ महीनों में भी यही धंधा कुछ अन्य जगहों पर पकड़ा गया था।

खैर की लकड़ी विशेष रूप से औषधीय गुणों के कारण महंगी होती है और इसका अवैध व्यापार वन विभाग के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। यही वजह है कि वन विभाग लगातार इस तस्करी के खिलाफ कोर्ट ऑफ कोर्ट एक्शन ले रहा है और स्थानीय प्रशासन से साथ मिलकर निगरानी बढ़ा रहा है।

वन विभाग अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध कृत्यों की जानकारी अधिकारियों को दें ताकि जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके।

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