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नया GST रेट लागू, पुराना माल बिकेगा नए रेट पर, कंपनियों को मिली छूट—22 सितंबर की समयसीमा बढ़ी l

नया GST रेट लागू, पुराना माल बिकेगा नए रेट पर, कंपनियों को मिली छूट—22 सितंबर की समयसीमा बढ़ी l

देश में 22 सितंबर 2025 से नए GST रेट लागू होने जा रहे हैं, जिसके तहत पुराने चार GST स्लैबस को कम कर केवल दो मुख्य स्लैब 5% और 18% में बदला जाएगा। इस परिवर्तन के कारण कई कंपनियों और व्यापारी वर्ग को अपने पुराने माल (इन्वेंट्री) को नए रेट पर बेचने की छूट दी गई है।

सरकार ने कंपनियों को यह बड़ी राहत देते हुए कहा है कि वे 31 दिसंबर 2025 तक या पुरानी स्टॉक खत्म होने तक पुराने माल की एमआरपी (MRP) को नए GST रेट के अनुसार रिवाइज कर सकेंगे। इससे कंपनियों को नए नियमों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाया जाएगा। ध्यान रखें कि नई MRP पर टैक्स के अनुसार बढ़ोतरी या कमी होनी चाहिए, और पुराने MRP को भी पैकेजिंग पर स्पष्ट दिखाना होगा ताकि उपभोक्ताओं को कोई भ्रम न हो।

नई GST दरों के तहत दैनिक उपयोग की वस्तुओं, कृषि उपकरणों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े उत्पादों पर टैक्स दरें कम की गई हैं, जबकि लग्जरी और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। एयर कंडीशनर, टीवी, फ्रिज जैसे उपकरणों पर 28% से घटाकर 18% कर लगाया जाएगा। छोटे वाहनों और मोटरसाइकिल पर भी टैक्स में कमी देखी जाएगी।

कंपनियों को एमआरपी में बदलाव करते समय पुराने रेट को छुपाना नहीं होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल GST के बदलाव के कारण ही मूल्य में परिवर्तन हो रहा हो। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने दो समाचार पत्रों में नई कीमत की विज्ञापन देने और व्यापारियों, नियामक अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि बाजार में व्यापक समायोजन की प्रक्रिया को भी सुचारु बनाएगा। पुरानी स्टॉक के कारण व्यापारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान को घटाने में यह नीति सहायक होगी।

यह GST सुधार उद्योगों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए राहत की सूचना है, खासकर त्योहारों के सीजन में उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत में स्थिरता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

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