मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल के अगले प्रधानमंत्री की रेस में ये 3 नाम सबसे आगे l

केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल के अगले प्रधानमंत्री की रेस में ये 3 नाम सबसे आगे l

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा मंजूर हो गया है, लेकिन उन्हें तब तक पद पर बने रहने को कहा गया है जब तक नई व्यवस्था नहीं बन जाती। इस बीच देश में राजनीतिक अस्थिरता जारी है और अगले प्रधानमंत्री के लिए कई नाम चर्चा में हैं।

मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच तीन प्रमुख दावेदार सबसे आगे हैं: काठमांडू के युवा मेयर बालेन शाह, पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक रबी लामिछाने, और अनुभवी नेता दुर्गा प्रसाई। इन तीनों को नेपाल की युवा पीढ़ी और राजनीतिक परिदृश्य में काफी समर्थन मिला है।

बालेन शाह, जो पहले एक रैपर और कवि रह चुके हैं, 2022 में काठमांडू के मेयर चुने गए। वे भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के खिलाफ मुखर हैं और युवा आंदोलन का समर्थन करते हैं। वहीं, रबी लामिछाने ने 2022 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की स्थापना की और उन्होंने संसद में विपक्षी भूमिका निभाई है। वे भी युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं।

दुर्गा प्रसाई एक अनुभवी राजनेता हैं जो समृद्ध अनुभव के साथ राजनीतिक संतुलन स्थापित कर सकते हैं। हालांकि युवा नेताओं की बढ़ती लोकप्रियता के कारण वे थोड़ा पीछे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल के राजनीतिक भविष्य को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि देश में प्रदर्शनों और अस्थिरता के कारण संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा होना बाकी है। सेना ने फिलहाल देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाल रखी है।

नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने इस्तीफा देने के बाद भी ओली को पद पर बने रहने को कहा है ताकि संवैधानिक वैधानिक आधार पर नया प्रधानमंत्री चुना जा सके। इस बीच सरकार बनाने की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों के बीच वार्ता जारी हैं।

Share
अगला लेख → नेपाल में उग्र प्रदर्शन के बीच काठमांडू एयरपोर्ट बंद, सेना न…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *