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कर्नाटक की मालूर सीट पर वोटों की फिर गिनती का आदेश: हाई कोर्ट के फैसले से कांग्रेस को करारा झटका l

कर्नाटक की मालूर सीट पर वोटों की फिर गिनती का आदेश: हाई कोर्ट के फैसले से कांग्रेस को करारा झटका l

कर्नाटक में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने कोलार जिले की मालूर विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव की वोटों की फिर से गिनती कराने का आदेश दिया है। इस सीट पर बेहद कांटे का मुकाबला हुआ था और कांग्रेस के उम्मीदवार केवाई नानजे गौड़ा ने बीजेपी के मंजूनाथ गौड़ा को मात्र 248 वोटों से मात दी थी।

पिछले विधानसभा चुनाव में मालूर सीट पर मिली हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी मंजूनाथ गौड़ा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती में अनियमितताएं हुई हैं और सही तरीके से जांच नहीं की गई। इसके बाद मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में चली और अब अदालत ने अंतिम आदेश सुनाते हुए वोटों की दोबारा गिनती कराने का निर्देश दिया है।

मालूर विधानसभा सीट कर्नाटक की राजनीति की सबसे चर्चित सीटों में शुमार है।

2018 में यह सीट जेडीएस (जनता दल सेक्युलर) ने जीती थी।

2023 में कांग्रेस ने यहां जीत का झंडा फहराया और बीजेपी को बाहर कर दिया।

पिछले दो दशकों में इस सीट पर कभी कांग्रेस, कभी बीजेपी और कई बार जेडीएस का पलड़ा भारी रहा है।

यहां मतदाता हमेशा बदलाव लाने के लिए जाने जाते हैं, यही कारण है कि मालूर सीट को राजनीतिक रूप से अस्थिर लेकिन महत्वपूर्ण माना जाता है।

कांग्रेस ने 2023 के चुनाव में संकीर्ण अंतर से जीत दर्ज की थी। पार्टी इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही थी, लेकिन हाई कोर्ट का फैसला न सिर्फ उसकी जीत पर सवालिया निशान खड़ा करता है, बल्कि राज्य की सत्ता पर बैठे नेताओं के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

बीजेपी को उम्मीद है कि दोबारा गिनती के बाद परिणाम उसके पक्ष में जा सकता है। पार्टी का दावा है कि गिनती में कई वोट गलत तरीके से अस्वीकार किए गए और अब सच्चाई सामने आएगी।

अब चुनाव आयोग की देखरेख में मालूर विधानसभा सीट के वोटों की दोबारा गिनती होगी। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर नतीजा बदल गया तो यह कांग्रेस के लिए न सिर्फ मालूर सीट बल्कि पूरे प्रदेश में बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका साबित होगा।

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