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बिहार में बड़ा बदलाव: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण अब पूरी तरह ब्याज मुक्त, किस्त चुकाने की अवधि भी बढ़ाई गई l

बिहार में बड़ा बदलाव: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण अब पूरी तरह ब्याज मुक्त, किस्त चुकाने की अवधि भी बढ़ाई गई l

बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों के लिए अपनी प्राथमिकता को और मजबूत करते हुए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत छात्रों को 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन पूरी तरह से ब्याज मुक्त (0% ब्याज) मिलेगा। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

अधिकतम 4 लाख रुपए का शिक्षा ऋण मिलेगा।

पहले जहां सामान्य छात्रों को 4 प्रतिशत और महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों को 1 प्रतिशत ब्याज देना होता था, अब सभी के लिए ब्याज पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

कर्ज चुकाने की अवधि भी काफी बढ़ा दी गई है, जिससे मासिक किस्त (EMI) कम हो जाएगी। 2 लाख रुपए तक के ऋण की किस्तें अब 7 साल (84 महीने) में चुकानी होंगी। जबकि 2 लाख से ज्यादा राशि के कर्ज की किस्तें 10 साल (120 महीने) में चुकानी होंगी।

यह योजना बिहार के उन विद्यार्थियों के लिए है जो 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद उच्च शिक्षा (मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट तक) प्राप्त करना चाहते हैं। इसके साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल, और उत्तर प्रदेश के संस्थानों में पढ़ने वाले बिहार के छात्र भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

छात्र नौकरी मिलने के 6 महीने या पढ़ाई खत्म करने के 1 साल बाद ही किस्त भुगतान करना शुरू करेंगे।

अगर नौकरी नहीं मिली या आय नहीं हुई तो कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को टालने का भी प्रावधान है।

इससे छात्रों पर आर्थिक दबाव कम होगा और वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनका इस योजना के पीछे उद्देश्य बिहार के अधिक से अधिक युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान बनाना है। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और वे बेहतर शिक्षा लेकर राज्य और देश का भविष्य संवारेंगे।

यह योजना बिहार में उच्च शिक्षा की सकल नामांकन दर (GER) बढ़ाने का भी एक भाग है। जहां 2015 तक बिहार का GER 14.3% था, वहीं अब यह 17.1% तक पहुंच चुका है। इस योजना की वजह से अपेक्षित है कि और ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ाएंगे।

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