मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

“आजम खान की रिहाई पर सस्पेंस: मुरादाबाद से परवाना न आने पर अटकी रिहाई, सीतापुर में लगी धारा 163”

“आजम खान की रिहाई पर सस्पेंस: मुरादाबाद से परवाना न आने पर अटकी रिहाई, सीतापुर में लगी धारा 163”

सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कभी यूपी की सियासत में सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले आज़म खान की रिहाई एक बार फिर अटक गई है। बुधवार को उनकी जेल से रिहाई की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मुरादाबाद से रिलीज़ ऑर्डर (परवाना) समय पर न पहुंच पाने की वजह से पूरा मामला अधर में लटक गया।

सीतापुर जेल प्रशासन ने आज़म खान की रिहाई के लिए पूरी तैयारियां कर ली थीं। जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। लोग उनके बाहर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन कानूनी औपचारिकताओं के कारण रिहाई टल गई। जेल अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुरादाबाद से परवाना (लिखित आदेश) नहीं आता, वे रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकते।

आज़म खान की रिहाई को देखते हुए सीतापुर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है ताकि सार्वजनिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया है और संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

आजम खान को विभिन्न मामलों में जेल में बंद रखा गया था। हाल ही में कोर्ट से उन्हें राहत मिली और उनकी रिहाई का आदेश पारित किया गया। कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार, संबंधित अदालत से रिहाई का आदेश संबंधित जेल में पहुंचने के बाद ही कैदी को छोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि अभी तक उनकी रिहाई संभव नहीं हो पाई है।

आजम खान के समर्थकों में उन्माद और उत्सुकता साफ दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही सीतापुर जेल के बाहर डटे हैं। समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने प्रशासन पर देरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर रिहाई की प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है।
वहीं, विपक्षी दलों ने इसे लेकर निशाने साधने शुरू कर दिए हैं।

सीतापुर जेल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि “जेल का काम नियम और कानून के मुताबिक ही होगा। अगर आज परवाना आता है तो रिहाई तुरंत कर दी जाएगी। जब तक दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, कार्रवाई नहीं होगी।”

आजम खान की रिहाई केवल कानूनी मसला नहीं है, बल्कि इसका सियासी असर भी बड़ा है। वे लंबे समय से जेल में बंद रहे हैं और उनकी हर गतिविधि यूपी की राजनीति को सीधे प्रभावित करती है। उनकी बाहर आने के बाद की रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।

Share This
अगला लेख → ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के ट्रेलर ने मचाई धूम, प्र…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 90% 💨 5 km/h
Dehradun