मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

रामपुर डीएम पर भड़काऊ बयान केस में आजम खान बरी, लेकिन जेल से नहीं मिलेगी राहत

रामपुर डीएम पर भड़काऊ बयान केस में आजम खान बरी, लेकिन जेल से नहीं मिलेगी राहत

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को लेकर एक अहम कानूनी फैसला सामने आया है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। अदालत के इस फैसले को आजम खान के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, हालांकि इसके बावजूद उनकी तत्काल रिहाई संभव नहीं है।

यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के समय का है, जब आजम खान रामपुर से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे। आरोप था कि उन्होंने सपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तत्कालीन रामपुर जिलाधिकारी (DM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और हिंसा भड़काने वाले बयान दिए थे। इस संबंध में तत्कालीन कांग्रेस नेता फैसल खान लाला ने रामपुर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान वादी की ओर से एक सीडी अदालत में पेश की गई, जिसमें आजम खान को भाषण देते हुए दिखाया गया था। इस कथित भाषण में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। लंबे समय तक चली बहस, गवाहों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने यह माना कि आरोप साबित नहीं हो पाए, जिसके चलते आजम खान को भड़काऊ भाषण के इस मामले में बरी कर दिया गया

हालांकि इस फैसले के बावजूद आजम खान को जेल से तुरंत राहत नहीं मिलेगी। दरअसल, 17 नवंबर 2025 को इसी रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो अलग-अलग पैन कार्ड रखने के मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा के चलते पिता-पुत्र दोनों फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं।

इस तरह, भले ही भड़काऊ भाषण मामले में अदालत से आजम खान को राहत मिली हो, लेकिन अन्य मामलों में मिली सजा के कारण उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा।

Share
अगला लेख → इंटरनेशनल लेबर मोबिलिटी कॉन्क्लेव के उद्घाटन में अनिल राजभर,…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *