निषाद पार्टी के मंच से ओपी राजभर का बड़ा दावा, बोले—18 जनवरी को बांटेंगे बिना लाइसेंस हथियार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर हलचल मच गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के एक बयान ने सियासी गलियारों में सनसनी फैला दी है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह कह दिया कि वह बिना लाइसेंस के हथियार बांटेंगे, और इसके लिए तारीख व जगह तक बता दी।
ओमप्रकाश राजभर यह बयान लखनऊ में आयोजित निषाद पार्टी के ‘संकल्प दिवस कार्यक्रम’ के दौरान दे रहे थे। यह कार्यक्रम निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के 13वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित किया गया था। इसी दौरान राजभर ने कहा कि जिसे भी बिना लाइसेंस का हथियार चाहिए, वह 18 जनवरी को आजमगढ़ आकर उनसे ले सकता है। उनके इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
इस कार्यक्रम में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की बढ़ती ताकत और राजनीतिक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी 2013 को उन्होंने श्रृंगवेरधाम में महाराजा गुह्रराज निषाद के किले से मछुआ समाज के शोषण के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया था। डॉ. निषाद ने कहा कि मछुआ समाज केवल मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार बनाने और गिराने की ताकत भी रखता है।
डॉ. संजय निषाद ने यह भी मांग की कि वीरांगना फूलन देवी और स्वर्गीय जमुना निषाद की हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ने के लिए सत्ता और शक्ति की जरूरत है, और इसके लिए निषाद पार्टी के साथ खड़ा होना जरूरी है।
राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी संबोधित किया।
वहीं, ओमप्रकाश राजभर के हथियार बांटने संबंधी बयान को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन दोनों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले समय में कानूनी और राजनीतिक विवाद का कारण बन सकता है।