मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

मुंबई मेयर चुनाव से पहले सियासी घमासान, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के सामने रखी नई डिमांड

मुंबई मेयर चुनाव से पहले सियासी घमासान, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के सामने रखी नई डिमांड

मुंबई महानगरपालिका में अगला मेयर कौन होगा, इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुंबई बीएमसी चुनाव में इस बार भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को बहुमत मिला है, लेकिन गठबंधन की राजनीति के चलते शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच नए सियासी समीकरण बनते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में राज ठाकरे की अगुवाई वाली MNS ने उद्धव ठाकरे गुट के सामने एक नई मांग रखी है, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

दरअसल, MNS की मांग है कि मुंबई महानगरपालिका में शिवसेना (UBT) के कोटे से मिलने वाले स्वीकृत नगरसेवक पदों में से एक पद MNS को दिया जाए। नियमों के मुताबिक, किसी भी पार्टी को एक स्वीकृत नगरसेवक नियुक्त करने के लिए लगभग 22.7 निर्वाचित नगरसेवकों का संख्याबल जरूरी होता है। मौजूदा स्थिति में ठाकरे गुट की शिवसेना के पास 65 नगरसेवक हैं, जिसके आधार पर वह तीन स्वीकृत नगरसेवक नियुक्त करने की हकदार है।

बीएमसी चुनाव में ठाकरे गुट की शिवसेना और MNS ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। इस दौरान शिवसेना (UBT) ने जहां 163 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, वहीं MNS ने केवल 53 सीटों पर चुनाव लड़ा। गठबंधन को मजबूत करने के लिए MNS ने अपनी कुछ मजबूत सीटें भी ठाकरे गुट के लिए छोड़ी थीं। चुनाव नतीजों में ठाकरे गुट को 65 सीटें मिलीं, जबकि MNS सिर्फ 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।

MNS का तर्क है कि इन 65 सीटों की जीत में पार्टी का अहम योगदान रहा है। राज ठाकरे और अमित ठाकरे ने कई इलाकों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। इसी आधार पर MNS को उम्मीद है कि जैसे सीटों के बंटवारे के वक्त पार्टी ने उदारता दिखाई थी, वैसे ही अब स्वीकृत नगरसेवकों की तीन सीटों में से एक सीट MNS को दी जानी चाहिए।

इस मुद्दे पर MNS के गुटनेता और नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने भी खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में कुल 10 स्वीकृत नगरसेवक होते हैं, जिनका बंटवारा संख्याबल के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, भाजपा और शिंदे गुट को मिलकर 6 स्वीकृत नगरसेवक मिलेंगे, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को 3 और कांग्रेस को 1 स्वीकृत नगरसेवक मिलेगा।

यशवंत किल्लेदार ने यह भी स्पष्ट किया कि MNS और AIMIM के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं है, इसलिए उन्हें सीधे स्वीकृत नगरसेवक मिलने का सवाल नहीं उठता। हालांकि, उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट को मिलने वाले तीन स्वीकृत नगरसेवकों में से एक पद MNS को दिया जाना चाहिए, यही भावना पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की है।

मुंबई महानगरपालिका में मौजूदा पार्टीवार संख्याबल पर नजर डालें तो भाजपा के पास 89, शिवसेना (ठाकरे गुट) के पास 65, शिंदे गुट की शिवसेना के पास 29, कांग्रेस के पास 24, MNS के पास 6, AIMIM के पास 8, जबकि अन्य दलों के पास सीमित सीटें हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उद्धव ठाकरे MNS की इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और क्या गठबंधन की सियासत एक बार फिर नई दिशा लेती है।

Share This
अगला लेख → कोरिया के जुनून ने छीन ली तीन जिंदगियां: गाजियाबाद सुसाइड के…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
30°C
Light rain shower
💧 69% 💨 9 km/h
Dehradun