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भारत को बड़ी राहत! अमेरिका ने ट्रेड डील फैक्टशीट में किए अहम बदलाव, दाल लिस्ट से बाहर

भारत को बड़ी राहत! अमेरिका ने ट्रेड डील फैक्टशीट में किए अहम बदलाव, दाल लिस्ट से बाहर

भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में एक अहम बदलाव सामने आया है, जिसे भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। व्हाइट हाउस ने इस डील से जुड़ी फैक्टशीट को अपडेट करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं में संशोधन किया है। इन बदलावों के बाद भारतीय किसानों, कृषि क्षेत्र और व्यापारिक हितों को सीधा फायदा मिलता दिख रहा है। यह समझौता पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद घोषित किया गया था, जो फरवरी 2025 से चल रही व्यापक व्यापार वार्ताओं का हिस्सा है।

सबसे बड़ा बदलाव दाल (pulses) को लेकर हुआ है। पहले जारी फैक्टशीट में स्पष्ट उल्लेख था कि भारत अमेरिकी दालों पर टैरिफ कम या समाप्त करेगा। लेकिन अब अपडेटेड दस्तावेज़ में ‘certain pulses’ यानी कुछ दालों का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि भारत पर अमेरिकी दालों पर शुल्क घटाने का कोई दबाव नहीं रहेगा। यह फैसला भारतीय दाल उत्पादकों और किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार पर संभावित दबाव टल गया है।

दूसरा अहम बदलाव 500 अरब डॉलर की खरीद से जुड़ा है। पहले फैक्टशीट में लिखा था कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान की खरीद के लिए ‘committed’ है, यानी उसने वादा किया है। अब इस शब्द को बदलकर ‘intend’ कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि भारत ऐसा करने का इरादा रखता है। इस बदलाव से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत ने कोई बाध्यकारी वादा नहीं किया है, बल्कि परिस्थितियों और आपसी सहमति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

कृषि उत्पादों को लेकर भी राहत मिली है। पहले खरीद सूची में ‘Agricultural products’ का उल्लेख था, जिसे अब हटा दिया गया है। अपडेटेड संस्करण में केवल ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), कोयला और अन्य उत्पादों का जिक्र है। इससे साफ है कि भारत पर अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद को लेकर कोई अनिवार्य दबाव नहीं रहेगा।

डिजिटल क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं। पहले के दस्तावेज़ में कहा गया था कि भारत अपना Digital Services Tax हटाएगा। अब इस हिस्से को संशोधित कर दिया गया है। नई भाषा में केवल यह कहा गया है कि भारत डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल उपायों को हटाने के लिए मजबूत द्विपक्षीय नियमों पर बातचीत करने का वादा करता है। यानी टैक्स हटाने की सीधी प्रतिबद्धता अब दस्तावेज़ में शामिल नहीं है।

कुल मिलाकर, व्हाइट हाउस द्वारा फैक्टशीट में किए गए इन संशोधनों से भारत को कई मोर्चों पर राहत मिली है। विशेषकर कृषि, दाल उत्पादन और डिजिटल कर नीति के संदर्भ में ये बदलाव भारतीय हितों के अनुकूल माने जा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगे की वार्ताओं में दोनों देश किन शर्तों पर अंतिम समझौते तक पहुंचते हैं।

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