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रोबोडॉग विवाद पर बड़ा एक्शन, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो खाली करने का आदेश

रोबोडॉग विवाद पर बड़ा एक्शन, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो खाली करने का आदेश

देश की राजधानी नई दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एक रोबोटिक डॉग के प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, इस विवाद के बाद ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो क्षेत्र को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि एक रोबोटिक डॉग को अपने “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” का उत्पाद बताते हुए प्रदर्शित करते नजर आए। बाद में तकनीकी समुदाय के कुछ सदस्यों ने दावा किया कि यह रोबोटिक डॉग चीन की कंपनी Unitree Robotics द्वारा निर्मित मॉडल Unitree Go2 है, जो बाजार में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है।

समिट में इस रोबोट को “ओरियन” नाम से प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद यह विवाद और गहरा गया कि क्या इसे विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उत्पाद के रूप में पेश किया गया था।

यूनिवर्सिटी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान ने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोडॉग का निर्माण उन्होंने किया है। उनके अनुसार, यह केवल एआई निवेश और रोबोटिक प्रोग्रामिंग प्रशिक्षण का हिस्सा था, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

इससे पहले विश्वविद्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को एआई एप्लिकेशन विकसित करना सिखाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। संस्थान ने अपने खिलाफ “प्रोपेगैंडा” अभियान चलाए जाने पर भी चिंता जताई।

आगे क्या?
फिलहाल समिट आयोजकों की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक विवाद के मद्देनजर एक्सपो क्षेत्र खाली कराने का निर्देश दिया गया है।

यह मामला तकनीकी प्रदर्शन में पारदर्शिता, बौद्धिक संपदा और वैश्विक तकनीकी उत्पादों के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

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