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पंजाब के बठिंडा में किसानों का घेराव ऐलान, पुलिस ने कसी सुरक्षा

पंजाब के बठिंडा में किसानों का घेराव ऐलान, पुलिस ने कसी सुरक्षा

गिरफ्तार किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बठिंडा में बुधवार को माहौल तनावपूर्ण बना रहा। विभिन्न किसान संगठनों ने डीसी दफ्तर के घेराव का ऐलान किया है, जिसके मद्देनज़र जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और आसपास के इलाकों में जगह-जगह पुलिस नाके लगाए गए हैं, जबकि बाहर से आने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति शांतिपूर्ण ढंग से दी जाएगी, लेकिन कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

किसान संगठनों के आह्वान पर पूरे पंजाब से बड़ी संख्या में किसानों के बठिंडा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि 6 फरवरी को हुई कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए साथियों की रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें डीसी दफ्तर तक पहुंचने से रोकने के लिए दबाव बना रही है। कुछ किसानों ने दावा किया है कि रात के समय उनके घरों पर छापेमारी की गई और कई लोगों को पूछताछ के लिए थानों में बुलाया गया।

वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियातन की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। बरनाला और अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और जिले के प्रमुख बॉर्डरों पर निगरानी रखी जा रही है। बरनाला के तपा हाईवे पर हाईटेक नाका लगाया गया है, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी डीसी दफ्तर के घेराव के दौरान रामपुर के पास किसानों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, जहां बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की और बहस हुई थी। इस बार प्रशासन पहले से अधिक सतर्क दिखाई दे रहा है।

किसान नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा तथा वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।

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