मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

प्रदर्शन से बेकाबू हालात: नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़, प्रशासन अलर्ट

प्रदर्शन से बेकाबू हालात: नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़, प्रशासन अलर्ट

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर हजारों श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिससे पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। सुबह शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें पुलिस की गाड़ियों समेत कुल पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में मजदूर लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी के बीच स्थिति तब बिगड़ गई जब भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने उग्र रूप ले लिया। फेज-2 और सेक्टर-60 सहित कई इलाकों में पथराव, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस की दो गाड़ियों को पलटकर आग लगा दी गई, जबकि अन्य वाहनों को भी निशाना बनाया गया।

प्रदर्शन के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में खुली मिली कई फैक्ट्रियों में भी तोड़फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि कुछ प्रदर्शनकारी संजय बाली से जुड़ी एक फैक्ट्री में घुस गए और वहां भी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। नोएडा से सटे दिल्ली के बॉर्डर इलाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर वाहन की सघन जांच की जा रही है। प्रमुख सीमावर्ती मार्गों पर बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के हितों की अनदेखी न करने पर जोर दिया।

प्रदर्शन के चलते शहर में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्रमुख चौराहों और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल चलते नजर आए। अनुमान के मुताबिक, इस प्रदर्शन में करीब 50 हजार से अधिक श्रमिक शामिल थे।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर हालात को शांत करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि श्रमिकों की जायज मांगों पर भी विचार किया जाएगा।

Share
अगला लेख → बंगाल में गरजे अमित शाह: UCC से लेकर घुसपैठ पर सख्त संदेश

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *