‘राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं’, प्रयागराज में CM योगी का बड़ा संदेश
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि “नेशन फर्स्ट” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय सैनिक के जीवन का मूल संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता। यही भावना हर नागरिक के जीवन का भी मार्गदर्शक सिद्धांत बननी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह बात प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम (एनटीएस) 2026 के समापन समारोह में कही, जिसकी थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ थी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज का युद्ध केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर स्पेस, डेटा नेटवर्क, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुका है। वर्तमान समय में कीबोर्ड, सैटेलाइट और डेटा उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं जितने पारंपरिक हथियार। उन्होंने कहा कि दुश्मन के संचार तंत्र, पावर ग्रिड, जीपीएस और बैंकिंग नेटवर्क को प्रभावित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना आधुनिक सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
योगी आदित्यनाथ ने भारतीय सैनिकों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि चाहे सियाचिन की बर्फीली चोटियां हों, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगल या समुद्री सीमाएं, भारतीय सैनिक हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे रहते हैं। उनकी सतर्कता और त्याग के कारण ही देशवासी सुरक्षित और निश्चिंत जीवन जी पाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध जैसी चुनौतियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक की क्षमता हासिल कर चुका है। भारत अब मित्र देशों को रक्षा उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराने की स्थिति में पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने भी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स—लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट—में तेजी से कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। सरकार द्वारा डिफेंस एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की गई हैं और निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अलीगढ़ छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है, जबकि कानपुर गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और सुरक्षा उपकरणों के उत्पादन का प्रमुख हब बन रहा है। वहीं लखनऊ और झांसी में ब्रह्मोस मिसाइल तथा हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके अलावा चित्रकूट और आगरा में एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट, उन्नत संचार प्रणालियों और तोप के गोलों का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवश्यक संसाधन, कुशल मानव शक्ति और मजबूत औद्योगिक आधार उपलब्ध है। राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां और बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र को और मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास, नवाचार और तकनीक आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में आईआईटी कानपुर के सहयोग से ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित किया जा सके और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार हो सके।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की स्टार्टअप संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित हुए हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, तकनीक और विश्वास के समन्वय ने उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना से जुड़ी है, लेकिन शांति और उदारता की रक्षा के लिए सामर्थ्य का होना भी उतना ही आवश्यक है। भारत अपनी सैन्य और आंतरिक शक्ति को इसलिए मजबूत कर रहा है ताकि उसकी उदारता को कोई कमजोरी न समझे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अपराध और अराजकता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई। आज प्रदेश का कानून-व्यवस्था मॉडल देश और दुनिया में एक उदाहरण बनकर उभरा है। इसी मजबूत व्यवस्था ने निवेश और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसका लाभ डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को भी मिल रहा है।
समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना ही इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है।