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पंजाब में 5000 से ज्यादा दिल के मरीजों की बची जान, स्वास्थ्य योजना का बड़ा असर

पंजाब में 5000 से ज्यादा दिल के मरीजों की बची जान, स्वास्थ्य योजना का बड़ा असर

पंजाब में हृदय रोगियों के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पिछले कुछ महीनों में 5 हजार से अधिक दिल के मरीजों की जान बचाई गई है। राज्य सरकार की कैशलेस और त्वरित इलाज व्यवस्था के कारण अब हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर एंजियोप्लास्टी और अन्य जरूरी उपचार मिल पा रहे हैं।

स्टेट हेल्थ एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की जा चुकी हैं। इनमें लगभग 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जबकि 54 मामलों में पेरिफेरल एंजियोप्लास्टी की गई। इन सभी उपचारों पर करीब 49.6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह योजना गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि पहले जिन स्थितियों को बेहद जानलेवा माना जाता था, अब उनमें भी मरीजों को समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा रही है। उनके मुताबिक, स्वास्थ्य कार्ड आधारित कैशलेस सिस्टम ने इलाज की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दिल की बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, असंतुलित खानपान और डायबिटीज जैसी समस्याओं के कारण युवाओं में भी हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तक तेजी से पहुंच बेहद जरूरी हो गई है।

Government Medical College and Rajindra Hospital के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य कार्ड योजना की वजह से मरीजों को इलाज में देरी का सामना नहीं करना पड़ रहा। उन्होंने कहा कि पहले कई परिवार इलाज के खर्च को लेकर असमंजस में रहते थे, जिससे एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं में देर हो जाती थी। लेकिन अब कैशलेस सुविधा मिलने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो चुकी है।

डॉक्टरों का कहना है कि राज्य के अस्पतालों में इमरजेंसी प्रोटोकॉल को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि हार्ट अटैक के संभावित मरीजों की तुरंत जांच कर इलाज शुरू किया जा सके। कई जिला स्तरीय अस्पतालों में भी अब बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले मरीजों को लंबी दूरी तय कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचना पड़ता था, जिससे इलाज में खतरनाक देरी होती थी। लेकिन अब अधिक अस्पतालों को योजना में शामिल किए जाने और जरूरी उपकरण उपलब्ध होने के कारण कई जिलों में ही समय पर एंजियोप्लास्टी संभव हो पा रही है। सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना आने वाले समय में पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करेगी।

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