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“जाहिल देश चलाए, तो देश भी जाहिल बनेगा”— छात्रों पर कार्रवाई देख भावुक हुए नसीरुद्दीन शाह

“जाहिल देश चलाए, तो देश भी जाहिल बनेगा”— छात्रों पर कार्रवाई देख भावुक हुए नसीरुद्दीन शाह

देशभर में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर दुख जताते हुए कहा कि जब किसी देश को “जाहिल” लोग चलाते हैं, तो उनकी कोशिश होती है कि पूरा देश भी अज्ञान और डर के माहौल में जीने लगे। उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि शिक्षा किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है और छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि असहमति जताना लोकतंत्र का अधिकार है और छात्रों के साथ हिंसक व्यवहार किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है।

अभिनेता के इस बयान पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्षी दलों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए छात्रों पर हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ लोगों ने इसे सरकार पर सीधा हमला बताते हुए आलोचना की है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

हालांकि, नसीरुद्दीन शाह ने किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना लोकतंत्र, शिक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को डराने या उनकी आवाज़ दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए, क्योंकि वही देश का भविष्य हैं।

छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर देशभर में बहस तेज है। इस बीच नसीरुद्दीन शाह का यह बयान भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला और तेज होने की संभावना है।

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