मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

‘असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई रोकी जाए’, सीजेपी ने सरकार से निभाने को कहा वादा

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आरोप लगाया है कि छात्र आंदोलन समाप्त होने के बावजूद असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पार्टी ने केंद्र सरकार से अपने आश्वासनों का पालन करने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है।

‘असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई रोकी जाए’, सीजेपी ने सरकार से निभाने को कहा वादा

नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 (यूएनएस)। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर चले छात्र आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से आंदोलन समाप्ति के समय दिए गए आश्वासनों का पालन करने की अपील की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार सहित कुछ राज्यों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं।

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने सरकार के आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया था। ऐसे में यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जारी रहती है तो यह भरोसे के विपरीत होगा। उन्होंने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित मामलों में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

सीजेपी का कहना है कि आंदोलन वापस लेने से पहले केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया था कि भाजपा या एनडीए शासित राज्यों में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ वर्तमान या भविष्य में कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी ने दावा किया कि इसी विश्वास के आधार पर आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त किया गया था।

सौरव दास ने बताया कि संगठन की कानूनी टीम शुरुआत से ही सक्रिय है और जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है या जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई है, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के अधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद सुनिश्चित की जा रही है।

सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न की जाए। पार्टी ने हिरासत में लिए गए लोगों की शीघ्र रिहाई और आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की।

संगठन ने यह भी दावा किया कि सरकार ने इस संबंध में लिखित आश्वासन देने का वादा किया था और उसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने का निर्णय सद्भावना और संवाद की भावना से लिया गया था तथा सरकार द्वारा अपने वादों का पालन किया जाना आवश्यक है।

सीजेपी ने अपने समर्थकों और आंदोलन में शामिल छात्रों से शांति एवं धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय करेगा। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि किसी भी कानूनी या प्रशासनिक चुनौती में प्रदर्शनकारियों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

Share
अगला लेख → पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने रचा इतिहास, 7 लाख से अधिक रू…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *