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नीट पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की तैयारी, चार राज्यों में होगी विशेष अदालतों की स्थापना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों पर पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलेगा, जिसमें दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

नीट पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की तैयारी, चार राज्यों में होगी विशेष अदालतों की स्थापना

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए चार राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी।

सूत्रों के मुताबिक, नीट पेपर लीक के आरोपियों पर पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस कानून में दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष तक की कैद और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

बताया गया है कि वर्तमान में नीट पेपर लीक से जुड़े लगभग चार मामले विभिन्न हाईकोर्टों में लंबित हैं। केंद्र सरकार संबंधित राज्यों और हाईकोर्टों से इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का औपचारिक अनुरोध करेगी, ताकि मामलों की दैनिक सुनवाई हो सके और जल्द फैसला दिया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, अब तक नीट पेपर लीक मामले में इस कानून के तहत चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष अदालतें बनाई जा रही हैं। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में आते हैं।

नया कानून केवल नीट तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में यूपीएससी, एसएससी, आरआरबी, आईबीपीएस तथा केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सभी प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक और अनुचित साधनों के मामले भी शामिल होंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने पेपर लीक मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की थी।

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