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ईरान पर अमेरिका के लगातार आठवें दिन हवाई हमले, पश्चिम एशिया में 50 हजार सैनिक हाई अलर्ट पर, भारी तबाही की तैयारी

अमेरिका ने लगातार आठवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने एयर डिफेंस, मिसाइल, ड्रोन और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़े तनाव के बीच पश्चिम एशिया में 50 हजार से अधिक अमेरिकी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है

ईरान पर अमेरिका के लगातार आठवें दिन हवाई हमले, पश्चिम एशिया में 50 हजार सैनिक हाई अलर्ट पर, भारी तबाही की तैयारी

वॉशिंगटन/तेहरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई कार्रवाई जारी रखी है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी सेना ने शनिवार को लगातार आठवीं रात ईरान में कई ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने बताया कि इन हमलों में ईरान की निगरानी प्रणाली, एयर डिफेंस नेटवर्क, समुद्री सैन्य क्षमताओं और मिसाइल व ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में मौजूद अपने सैनिकों और हितों की सुरक्षा के लिए की जा रही है।

अमेरिकी कार्रवाई उस हमले के बाद तेज हुई, जिसमें जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया गया था। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से की गई सीधी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों की मौत का एक बड़ा मामला है। अब तक संघर्ष में 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 430 से अधिक सैनिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

क्षेत्र में अमेरिका के 50 हजार से अधिक सैनिक मौजूद हैं और उन्हें किसी भी संभावित कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अमेरिका अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की तैनाती भी कर रहा है। जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से एफ-16 लड़ाकू विमान और ब्रिटेन से एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा हवा में ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती भी बढ़ाई जा रही है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी दुनियाभर में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा कि ईरान समर्थित समूह विदेशों में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं।

अमेरिका ने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय हालात पर नजर रखने की अपील की है। ईरान-अमेरिका तनाव का असर पड़ोसी इराक में भी दिखाई दे रहा है। इराक के कुर्द क्षेत्र में एक संगठन के ठिकाने पर ड्रोन हमला किया गया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के सैन्य अधिकारी रेबाज शरीफी के अनुसार, इरबिल के पास स्थित उनके बेस पर हुए हमले में आठ सदस्य घायल हुए। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इरबिल के स्थानीय लोगों ने भी रविवार तड़के एयर डिफेंस सिस्टम से धमाकों की आवाज सुनने की जानकारी दी। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में कई ड्रोन हमले हो चुके हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना आगे की कार्रवाई के लिए तैयार है और ऑपरेशन को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल ईरान ने सीधे इजरायल को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने फिलहाल इजरायल से संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होने को कहा है। हालांकि, इजरायल ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग की इच्छा जताई थी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल की भूमिका ईरान की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

यदि ईरान की ओर से इजरायल पर हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।

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