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भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग

भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग

पंजाब – राज्य भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ सम्बन्धी समस्याओं को लेकर सजग है इसके लिए ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पिछले छह महीनों में 14,032 मरीजों को सांस संबंधी बीमारियों का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया गया है, जबकि ₹37.30 करोड़ के उपचार का खर्च योजना के तहत कवर किया गया. योजना के आंकड़ों के अनुसार, फेफड़ों की पुरानी बीमारियों और थोरेसिक सर्जरी के 80 प्रतिशत से अधिक मामले वयस्कों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े हैं. इसलिए सांस फूलने को अक्सर सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत पंजाब के ताजा उपचार आंकड़े बताते हैं कि क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं. अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाने वाले मरीजों का एक बड़ा हिस्सा राज्य के कामकाजी आयु वर्ग से है, जो यह दर्शाता है कि सांस संबंधी बीमारियां स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी तेजी से बढ़ा रही हैं.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाई जा रही स्वास्थ्य योजना ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के अंतर्गत राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 8 जनवरी से 21 जुलाई 2026 के बीच 14,032 लोगों ने फेफड़ों की पुरानी बीमारियों तथा थोरेसिक सर्जरी/सांस संबंधी उपचार का लाभ उठाया. इन उपचारों पर ₹37.30 करोड़ की कैशलेस राशि का भुगतान किया गया. इन आंकड़ों के पीछे उन हजारों मरीजों की कहानी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने से पहले लाखों रुपये की व्यवस्था करने की चिंता नहीं करनी पड़ी. यही इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है.

आंकड़ों के अनुसार, 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 5,559 उपचार मामले दर्ज किए गए, जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के 5,659 वरिष्ठ नागरिकों ने भी अस्पताल में उपचार प्राप्त किया. ये दोनों आयु वर्ग मिलकर योजना के तहत हुए कुल सांस संबंधी उपचार मामलों के 80 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखते हैं. इसके अलावा 2,522 युवा वयस्कों तथा 292 बच्चों ने भी सांस संबंधी उपचार प्राप्त किया.

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