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बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार का जवाब खारिज, अकाल तख्त ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी

बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार का जवाब खारिज, अकाल तख्त ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी

पंजाब में प्रस्तावित बेअदबी कानून को लेकर विवाद और गहरा गया है। अकाल तख्त ने इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की ओर से दिए गए जवाब को असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कानून के विभिन्न कानूनी, धार्मिक और संवैधानिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है।

बताया गया है कि अकाल तख्त का मानना है कि सरकार की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण कई महत्वपूर्ण सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं देता। इसी कारण यह निर्णय लिया गया कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेषज्ञों की राय ली जाए। गठित समिति कानून के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और यह देखेगी कि प्रस्तावित व्यवस्था धार्मिक भावनाओं की रक्षा के साथ-साथ संवैधानिक और कानूनी मानकों के अनुरूप है या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, विशेषज्ञ समिति में कानून, संविधान और सिख धार्मिक मामलों की समझ रखने वाले जानकारों को शामिल किया जाएगा। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर अकाल तख्त को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति और आधिकारिक रुख तय किया जाएगा।

दूसरी ओर, पंजाब सरकार का कहना है कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों और आस्था से जुड़े मामलों में बेअदबी की घटनाओं को रोकना तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सरकार का दावा है कि कानून सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार और अकाल तख्त के बीच मतभेद बने हुए हैं। अब विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि उसके निष्कर्ष आगे की प्रक्रिया और संभावित फैसलों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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