क्या भारत WTC फाइनल में पहुंच पाएगा? 9 में से सभी मैच जीतने पर 100% गारंटी का दावा
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल में पहुंचने की भारत की राह अब बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। मौजूदा स्थिति में भारत के पास अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं और फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे लगभग परफेक्ट प्रदर्शन की जरूरत होगी। हालिया समीकरणों के मुताबिक, अगर भारत अपने बचे हुए सभी 9 टेस्ट जीतता है तो उसका पॉइंट्स प्रतिशत 100% होगा और वह फाइनल की दौड़ में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगा।
भारत की अगली WTC सीरीज श्रीलंका के खिलाफ है। दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होनी है। भारत फिलहाल WTC तालिका में पांचवें स्थान पर है, ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का परिणाम उसके अभियान के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत अगर श्रीलंका के खिलाफ जीत हासिल करता है तो फाइनल की दौड़ में उसकी स्थिति बेहतर होगी। वहीं, हार या ज्यादा अंक गंवाने से आगे का समीकरण और कठिन हो सकता है।
भारत ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 9 टेस्ट खेले हैं। इनमें उसे 4 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ मिला है। यही वजह है कि अब टीम को अपने बाकी मुकाबलों में बेहद शानदार प्रदर्शन करना होगा।
हालांकि, 9 में से सभी 9 मैच जीतना फाइनल में पहुंचने की वास्तविक ‘100% गारंटी’ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि WTC में क्वालिफिकेशन दूसरी टीमों के नतीजों और पॉइंट्स प्रतिशत पर भी निर्भर करता है। WTC में शीर्ष दो टीमें फाइनल के लिए क्वालिफाई करती हैं।
भारत के लिए राहत की बात यह है कि एक मैच हारने के बाद भी फाइनल की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होगी। मौजूदा गणनाओं के मुताबिक, 8 जीत और 1 हार के साथ भारत 68.52% पॉइंट्स प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जबकि 7 जीत और 2 हार की स्थिति में यह करीब 62.96% रहेगा। हालांकि, ऐसे मामलों में बाकी टीमों के नतीजे बेहद महत्वपूर्ण हो जाएंगे।
भारत के सामने अब सबसे पहली चुनौती श्रीलंका है। इसके बाद WTC अभियान में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी मुकाबले होने हैं। इसलिए टीम इंडिया को फाइनल का टिकट पक्का करने के लिए न सिर्फ ज्यादा से ज्यादा टेस्ट जीतने होंगे, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी।
यानी WTC फाइनल की राह भारत के लिए खुली हुई है, लेकिन अब हर टेस्ट बेहद अहम है। 9 में से 9 जीत भारत को सबसे मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती हैं, जबकि एक-दो हार के बाद फाइनल का समीकरण दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर काफी निर्भर हो जाएगा।