सुखबीर बादल पर हमले से पंजाब की सियासत गरमाई, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। 13 अगस्त को एक गुरुद्वारे में उन पर कृपाण से हमला किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत काबू कर लिया, जबकि इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। सुखबीर बादल के हाथ में चोट आई और बाद में उनका इलाज किया गया।
हमले के बाद विपक्षी नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए संभावित सुरक्षा चूक पर चिंता जताई।
वहीं, राजनीतिक नेताओं ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि Z+ सुरक्षा प्राप्त सुखबीर बादल तक हमलावर कैसे पहुंच गया। घटना को लेकर महाराष्ट्र पुलिस और एटीएस की ओर से जांच की जा रही है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि हमले की वजह और किसी संभावित साजिश की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन हमले के पीछे की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती जांच में किसी राजनीतिक या धार्मिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस हमलावर की मंशा की जांच कर रही है।
घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि हमला एक गुरुद्वारे में हुआ। BJP और सिख धार्मिक संस्थाओं से जुड़े नेताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि पवित्र धार्मिक स्थलों पर हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
हमले के बाद सुखबीर बादल की हालत स्थिर बताई गई है। इस घटना ने पंजाब की राजनीति में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।