अयोध्या गोलीकांड में घायल महिला की लखनऊ में मौत, बेटे के बाद मां ने भी तोड़ा दम
अयोध्या के कंदैला गोलीकांड में घायल पार्वती देवी की मंगलवार को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। पार्वती देवी को 25 अगस्त को हुई फायरिंग में गोली लगी थी। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें अयोध्या से लखनऊ स्थित KGMU रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले उनके बेटे राम लगन मौर्य की भी गोली लगने के बाद मौत हो चुकी है। मां-बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पार्वती देवी की मौत की खबर के बाद मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे लखनऊ में मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। लोगों ने हंगामा करते हुए मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थक भी मौके पर पहुंचे, जिसके चलते मोर्चरी के बाहर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
मामले में मीरा सिंह, विजयभान सिंह और विजय प्रताप सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ BNS की धारा 103, 109 समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अयोध्या SSP की ओर से प्रत्येक आरोपी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस की ओर से मामले में राजमणि, सचिन उपाध्याय, प्रज्वल सिंह, दीपक प्रजापति, मनीष शर्मा और इंद्रभानु सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। हालांकि, मामले के तीनों नामजद आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
दरअसल, 25 अगस्त को अयोध्या के कंदैला इलाके में हुई फायरिंग में राम लगन मौर्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद उनकी मां पार्वती देवी भी गंभीर रूप से घायल अवस्था में लखनऊ के KGMU में भर्ती थीं। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई।
मां-बेटे की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। परिवार और प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि मामले में फरार चल रहे सभी नामजद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। मौके पर पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।