राष्ट्रपति भवन में राजनयिकों का परिचय-पत्र समारोह, यूरोपीय संघ ने भारत संग साझेदारी को बताया अहम
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान छह देशों और यूरोपीय संघ के राजनयिक प्रतिनिधियों से परिचय-पत्र स्वीकार किए। इस दौरान फिनलैंड, वियतनाम, मैक्सिको, एस्टोनिया, यूरोपीय संघ और बेल्जियम के दूतों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय-पत्र सौंपे।
समारोह में भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते संबंधों पर भी विशेष चर्चा रही। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पैकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय-पत्र सौंपा। यूरोपीय संघ के अनुसार, भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा तथा अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है।
परिचय-पत्र सौंपने के बाद जीन-एरिक पैकेट ने भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को 21वीं सदी के महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच भारत-ईयू साझेदारी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
यूरोपीय संघ की ओर से जारी बयान में पैकेट ने कहा कि ऐसे परिवर्तनशील दौर में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ का साझा एजेंडा केवल भविष्य की आकांक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों पक्षों के नागरिकों के लिए रोजगार, नवाचार, समृद्धि और मजबूती के अवसर पैदा करने की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता है।
जीन-एरिक पैकेट यूरोपीय संघ के भारत में राजनयिक प्रतिनिधि के रूप में भारत-ईयू संबंधों से जुड़े मामलों पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वह यूरोपीय आयोग में व्यापार नीति, अनुसंधान एवं नवाचार, परिवहन, ग्रीन पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े कई वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पैकेट 2018 से 2022 के बीच यूरोपीय आयोग में रिसर्च एंड इनोवेशन के डायरेक्टर-जनरल भी रहे। इससे पहले 2004 से 2007 तक उन्होंने मॉरिटानिया में यूरोपीय संघ के राजदूत और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख के रूप में कार्य किया था। राष्ट्रपति भवन में हुए इस समारोह को भारत के विभिन्न देशों और यूरोपीय संघ के साथ राजनयिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।