मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
बहरीन की महिला SGPC सराय में कैसे पहुंची? AAP ने सुखबीर बादल से मांगा जवाब ‘BJP के कई विधायक संपर्क में’, अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बोले- एडजस्ट कैसे करें? महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ को CM योगी ने दी श्रद्धांजलि, सामाजिक समरसता पर दिया जोर CM योगी बोले- सनातन धर्म भारत की मूल आस्था, अपनी पहचान को भूलना हमारी बड़ी भूल थी कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, तटबंध टूटने से कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं 150 लोगों की फरियाद, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश ‘जश्न-ए-इंकलाब’ में CM भगवंत मान की युवाओं से अपील, बोले- भगत सिंह के विचारों को आगे बढ़ाएं सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने पर FIR, CJP कार्यकर्ता गौरव भारती की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, इटावा DFO विकास नायक और चालक की मौत UP MLC Election 2026: BJP ने घोषित किए 6 प्रत्याशी, गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी मैदान में

कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, तटबंध टूटने से कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, तटबंध टूटने से कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बड़ी संख्या में परिवारों के सामने घर-गृहस्थी का सामान बचाने के साथ बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। सोमवार रात जवहीं दयाल क्षेत्र के चैनपट्टी स्थित ततवा टोला के पास नारायणी नदी का एपी तटबंध टूट गया, जिसके बाद आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा।

हालात की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रात में ही अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मंगलवार को मुख्यमंत्री खुद कुशीनगर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तटबंध और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री भी वितरित की। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान उन्होंने लंच पैकेट बांटे और बच्चों को चॉकलेट दी। इसके बाद वह सेवरही क्षेत्र के इंटर कॉलेज बेदुपार पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।

योगी आदित्यनाथ ने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का काम कराया जाए। इसका उद्देश्य नदी के बहाव को व्यवस्थित करना और तटबंध तथा उसके आसपास बसे गांवों को भविष्य में बाढ़ के खतरे से बचाना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हैं। नेपाल में हुई अत्यधिक बारिश के कारण बड़ी मात्रा में पानी मैदानी इलाकों की ओर आया। सामान्य परिस्थितियों में नारायणी नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी आता है, लेकिन सोमवार को यह बढ़कर करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। पानी के इस अचानक बढ़े प्रवाह के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया।

उधर, जवहीं दयाल के पास टूटे एपी तटबंध की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। तटबंध टूटने के करीब 24 घंटे बाद भी कटे हिस्से की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो सकी है। नदी की तेज धारा के कारण बचाव कार्य में इस्तेमाल की जा रही सीमेंट, बोल्डर, जियोबैग और रेत से भरी बोरियां भी बह जा रही हैं। शुरुआती दौर में करीब 20 मीटर का हिस्सा कटा था, जो लगातार कटान के कारण बढ़कर 80 मीटर से अधिक हो गया है।

कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से बोल्डर, जियोबैग और बोरियों के जरिए बचाव कार्य किया जा रहा है, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण इन प्रयासों में मुश्किलें आ रही हैं। अमवा और शिवपुर से ट्रॉलियों के जरिए बोल्डर मंगाए जा रहे हैं, जबकि बाहर से भी ट्रकों के माध्यम से बचाव सामग्री पहुंचाई जा रही है।

इस बीच ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि एपी तटबंध पर हर साल बाढ़ और कटान का खतरा बना रहता है, तो आपात स्थिति से निपटने के लिए बोल्डर, जियोबैग और अन्य जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडारण पहले से क्यों नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पर्याप्त सामग्री पहले से उपलब्ध होती तो कटान रोकने का काम और तेजी से शुरू किया जा सकता था। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ तटबंध को सुरक्षित करने पर है।

Share
अगला लेख → CM योगी बोले- सनातन धर्म भारत की मूल आस्था, अपनी पहचान को भू…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *