‘BJP के कई विधायक संपर्क में’, अखिलेश यादव का बड़ा दावा, बोले- एडजस्ट कैसे करें?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सवाल यह है कि इन विधायकों को पार्टी में किस तरह एडजस्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी से वादा करके उसे धोखा देने में विश्वास नहीं रखती।
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके साथ उनके संबंध अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी एक साथ हैं। अखिलेश ने बृजभूषण शरण सिंह को लेकर यह भी कहा कि अब उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगे या लाल गमछा।
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के सवाल पर भी अखिलेश यादव ने कहा कि अब उन्हें तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनेंगी या लाल गमछा। वहीं कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि जो गठबंधन पहले था, वही आगे भी रहेगा।
राज्यसभा चुनाव में तीसरा प्रत्याशी उतारने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि सभी लोग चुनाव का गणित जानते हैं और लोकतंत्र में सीटों के लिए निर्धारित संख्या के हिसाब से ही प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने पिछली राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अगर बीजेपी की ओर से कथित तौर पर बेईमानी नहीं हुई होती तो समाजवादी पार्टी के तीन सांसद होते। अखिलेश ने कहा कि जिन लोगों को अपना पुराना ‘पाप’ धोना है, उनके लिए यह मौका है।
समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज नथवानी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने नई पीढ़ी और नई सोच वाले व्यक्ति को उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत से जुड़े लोगों की समाज और अर्थव्यवस्था में भूमिका होती है और प्रदेश की उन्नति के लिए उद्योगों का बढ़ना जरूरी है। उनके मुताबिक उद्योग बढ़ने से आय बढ़ेगी और आर्थिक समानता की दिशा में भी आगे बढ़ा जा सकता है।
राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का तीसरा प्रत्याशी कौन होगा, इस सवाल पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट नाम बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जब गिनती पूरी हो जाएगी, तब प्रत्याशी के बारे में बताया जाएगा।
किसानों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो किसानों के लिए खेती की लागत कम करने पर काम किया जाएगा। किसान जिन मशीनों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें सस्ता करने की बात भी उन्होंने कही। अखिलेश ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में यूरिया, खाद और डीएपी की कमी है। उन्होंने इथेनॉल से होने वाले मुनाफे में किसानों को लाभ देने की भी मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को सस्ती बिजली और मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान जितना खुशहाल होगा, प्रदेश की अर्थव्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर 24 से 48 घंटे में गन्ने का भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
किसान सम्मेलन में अखिलेश यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और किसान नेता महेंद्र टिकैत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाया था।
INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष से भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अलग-अलग दिखाई देते हैं, लेकिन एक साथ रहते हैं। उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए जीत ही सीट तय करने का आधार होगी।
इसी दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी के बड़े कार्यालय को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को इतना बड़ा कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी, वह चुनाव आयोग के कार्यालय में एक फ्लोर ले सकती थी। उनके इस बयान को चुनाव आयोग और बीजेपी के खिलाफ उनकी राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा गया।