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आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस की कमान, अजय राय की जगह मिली बड़ी जिम्मेदारी

आराधना मिश्रा मोना को यूपी कांग्रेस की कमान, अजय राय की जगह मिली बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अजय राय की जगह रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के इस फैसले के बाद यूपी कांग्रेस की नई टीम और उसके सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

आराधना मिश्रा ‘मोना’ कांग्रेस के लिए नया नाम नहीं हैं। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुनी गई हैं। वह 2014 के उपचुनाव के बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से जीत दर्ज कर चुकी हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव में इमरान मसूद को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी राजनीतिक मौजूदगी को देखते हुए पार्टी के इस फैसले को संगठन के क्षेत्रीय विस्तार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं पार्टी ने राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस तरह नई टीम में अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश नजर आती है।

आराधना मिश्रा की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के सामाजिक समीकरण को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। राजनीतिक विश्लेषणों में इसे ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित और ओबीसी समुदायों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से यह कहा गया है कि पार्टी जाति और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं करती और उसका फोकस संगठन को मजबूत करने तथा चुनाव में प्रभावी भूमिका निभाने पर है।

यूपी में कांग्रेस लंबे समय से अपने पारंपरिक सामाजिक आधार को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन की राजनीति में कांग्रेस की भूमिका बढ़ी, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना पार्टी के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में आराधना मिश्रा की नियुक्ति को संगठन और चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

नई टीम में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व के लिए आराधना मिश्रा, मुस्लिम प्रतिनिधित्व के लिए इमरान मसूद और दलित प्रतिनिधित्व के लिए राजेंद्र पाल गौतम व आलोक प्रसाद जैसे चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारियां मिली हैं। वहीं देविंदर निषाद की नियुक्ति के जरिए ओबीसी समुदाय को भी संगठन में प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे कांग्रेस की नई प्रदेश टीम का सामाजिक आधार पहले की तुलना में अधिक विविध नजर आता है।

अब नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के सामने संगठन को चुनावी मोड में लाने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पार्टी की भूमिका तय करने जैसी चुनौतियां होंगी। आराधना मिश्रा ने नियुक्ति के बाद कहा है कि कांग्रेस 2027 के चुनाव में मजबूती से मैदान में उतरेगी और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर काम करेगी।

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