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वाराणसी- ज्ञानवापी केस में आया बड़ा फैसला पुरात्तव विभाग को सर्वे करने की अनुमति दी

वाराणसी- ज्ञानवापी केस में आया बड़ा फैसला पुरात्तव विभाग को सर्वे करने की अनुमति दी

वाराणसी-काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी केस पर आज न्यायलय ने बड़ा फैसला सुनाया, सीनियर डिवीजन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सर्वे का फैसला सुनाते हुए ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए आशुतोष तिवारी सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट सर्वे का फैसला सुनाया 1991 से सर्वेक्षण को लेकर चले आ रहे मामले पर ऑर्डर जारी किया।

कोर्ट ने केंद्र के पुरातत्व विभाग के 5 विद्वानों की टीम बना के पूरे परिसर का अध्धयन कराने के लिए निर्देश दिए जिसका पूरा खर्चा सरकार उठाएगी इस पर हिन्दू पक्ष के वकील विजय शंकर रस्तोगी ने कहा की 1669 में गिराया गया था। विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया था। बाकी सारे अवशेष वहां मौजूद हैं। इस ढांचे के नीचे 100 फिट का स्वयं भू शिवलिंग विद्धमान हैं। यही मांग किया गया था कि पुरातात्विक विभाग उसका सर्वे करके उत्खनन करे। न्यालय ने हमारे पक्ष को स्वीकार कर लिया हैं। आदेशित किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार और आरकोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया अपने खर्चे पर सर्वे कर आख्या प्रस्तुत करें।इस पूरे फैसले पर हिन्दू पक्ष के वकील से बात की।

दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष कहता है कि अभी फैसले की कॉपी पढ़ेंगे पर जिस तरह फैसला दिया गया इस स्टेज पर नही दी जानी चाहिए थी एविडेन्स लेकर दी जानी चाहिए थी ये सही नहीं है हम आगे लीगल कारवाही करेंगे।

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