मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

UP में ब्लैक फंगस की दस्तक,लखनऊ में मिले 3 केस

UP में ब्लैक फंगस की दस्तक,लखनऊ में मिले 3 केस

लखनऊ- देश में जहा कोरोना का कहर जारी है वही ब्लैक फंगस जैसी घातक बिमारी ने उत्तर प्रदेश ने दस्तक दे दी है,राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमित 3 मरीज घातक ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए हैं. लख्ननऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में इन तीनों मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस होने की पुष्टि की गई है.

कोरोना के मरीजों में ब्लैक फंगस के होने की शिकायत मिल रही थी. अब केजीएमयू ने आधिकारिक तौर से मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि की है. इससे पहले मेरठ में भी ब्लैक फंगस से पीड़ित दो कोविड मरीज़ मिले हैं. दोनों मरीज मुज़फ्फरनगर और बिजनौर के रहने वाले हैं. दोनों मरीजों का इलाज मेरठ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है. अस्पताल के डॉक्टर संदीप गर्ग ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मरीज स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेटरी विभाग के प्रमुख डॉ सूर्यकांत के अनुसार कोरोना संक्रमण के बाद पहले नौ दिन बहुत अहम हैं. संक्रमण के साथ अगर मरीज में ब्लैक फंगस की शिकायत हुई तो उसकी जान पर खतरा बढ़ सकता है. यह फंगस त्वचा के साथ नाक, फेफड़ों और मस्तिष्क तक को नुकसान पहुंचा सकता है.जैसे ही कोई कमजोर इम्युनिटी वाला व्यक्ति इसके संपर्क में आता है, तो उसके चपेट में आने की संभावना ज्यादा रहती है. डॉ सूर्यकांत के मुताबिक जो मरीज जितने लंबे समय तक अस्पताल में रहेगा, उसमें खतरा ज्यादा रहेगा.

Share
अगला लेख → WHO ने की योगी सरकार के कोविड प्रबंधन की प्रशंसा,ग्रामीण इला…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *