मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

Chandrayaaan 3 Landing: लैंडिंग के लिए इस वजह से तय हुई 23 अगस्त की तारीख , पढ़े पूरी खबर

Chandrayaaan 3 Landing: लैंडिंग के लिए इस वजह से तय हुई 23 अगस्त की तारीख , पढ़े पूरी खबर

चंद्रयान 3 मिशन पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया की भी नजर है. चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग के करीब 25 दिन बाद 14 जुलाई को रूस ने अपना लूना-25 लॉन्च किया, लेकिन लैंडिंग से पहले ही क्रैश हो गया. उस हादसे के बाद 2019 के चंद्रयान 2 मिशन की याद आ गई, जब यह चंद्रमा की सतह पर नरम की बजाय जोर से उतरा था. इन सबके बीच हर शख्स को उम्मीद है कि इस बार इसरो बिना किसी रुकावट के चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में कामयाब हो जाएगा. अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर 23 अगस्त की तारीख और शाम 6 बजकर 4 मिनट पर क्यों कराया गया. इसरो के मुताबिक, विक्रम लैंडर की लैंडिंग में कोई भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए. अगर किसी तरह की दिक्कत है तो हालात में भी हमारा प्लान बी तैयार है। हम आपको 23 अगस्त की चुनाव तारीख और समय के बारे में बताएंगे।

ये है ख़ास वजह

– इस समय चांद पर है रात है और 22 अगस्त को उजाला हो चुका है। 23 अगस्त से 5 सितंबर तक यह चमकीला रहेगा और इसका फायदा यह होगा कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान दोनों को सूर्य से ऊर्जा मिलती रहेगी।

– चंद्रमा पर 14 दिन तक रात और 14 दिन तक प्रकाश रहता है। अगर विक्रम लैंडर और प्रज्ञान दिन की जगह पर रात में उतरते तो काम करना मुश्किल था।

-चंद्रमा की सतह पर उतरने के बाद विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर सौर ऊर्जा के माध्यम से अपनी गतिविधियां जारी रखेंगे।

Share
अगला लेख → मोदी सरकार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दे सकती है ये बड़े तोहफे

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *