मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

कोवीशील्ड वैक्सीन से हार्ट अटैक का खतरा, कंपनी ने कोर्ट में किया स्वीकार

कोवीशील्ड वैक्सीन से हार्ट अटैक का खतरा, कंपनी ने कोर्ट में किया स्वीकार

कोरोना वायरस के कहर को पूरी दुनिया अभी तक नहीं भूली है. इससे निजात पाने के लिए वैक्सीन लॉन्च की गई. लेकिन अब ये वैक्सीन भी आफत बन गई है. दरअसल, ब्रिटिश फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका ने माना है कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन से खतरनाक साइड इफेक्ट हो सकते हैं। ब्रिटिश हाई कोर्ट को सौंपे गए दस्तावेजों में कंपनी ने माना कि उसकी कोरोना वैक्सीन थ्रोम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी टीटीएस का कारण बन सकती है। एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को भारत में कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया के कई गंभीर मामलों में, यह स्ट्रोक और दिल के दौरे का कारण भी बन सकता है।

कोविड-19 महामारी के दौरान, एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोविशील्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया गया था। भारत में भी इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. ब्रिटिश अखबार द डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, कई परिवारों ने कोरोना वैक्सीन से होने वाले नुकसान का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था. जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ है.

स्कॉट ने पिछले साल एस्ट्राजेनेका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. मई 2023 में स्कॉट के आरोपों के जवाब में कंपनी ने दावा किया कि उसकी वैक्सीन टीटीएस का कारण नहीं बन सकती. हालांकि, इस साल फरवरी में हाई कोर्ट में दाखिल कानूनी दस्तावेजों में कंपनी इस दावे से पीछे हट गई. एस्ट्राजेनेका ने लिखा कि कुछ मामलों में उनकी वैक्सीन टीटीएस का कारण बन सकती है। हालाँकि, वैक्सीन में इस बीमारी का कारण क्या है? यह जानकारी फिलहाल कंपनी के पास उपलब्ध नहीं है। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्कॉट के वकील ने अदालत में दावा किया कि एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन में खामियां हैं और इसके प्रभावों के बारे में गलत जानकारी दी गई है।

Share
अगला लेख → डायबिटीज के मरीज के लिए काफी फायदेमंद है ये सभी जूस , ब्लड श…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *