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बरेली में मंदिर की संपत्ति पर 40 साल से रह रहे मुस्लिम परिवार , आठ महीने में खाली करनें के दिए निर्देश

बरेली में मंदिर की संपत्ति पर 40 साल से रह रहे मुस्लिम परिवार , आठ महीने में खाली करनें के दिए निर्देश

बरेली के किला क्षेत्र के कटघर मोहल्ले में एक मंदिर की संपत्ति पर मुस्लिम परिवार के कब्जे को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है, जिससे संभल जैसे और भी बड़े विवाद की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर जांच के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को सदर तहसीलदार भानुप्रताप और किला थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की।

तहसीलदार ने वहां रह रहे वाहिद अली से पूछताछ की। वाहिद ने बताया कि वह दौली जवाहरलाल समिति के चौकीदार हैं और देखरेख के तहत परिवार समेत कई वर्षों से इस भवन में रह रहे हैं। उनका कहना था कि यदि समिति या प्रशासन द्वारा आदेश दिया जाए, तो वह खुद ही परिवार सहित यहां से चले जाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। तहसीलदार ने जब उनसे समय की मांग की, तो वाहिद ने आठ महीने का समय मांगा। इसके बाद लिखित रूप में यह सहमति बनी कि आठ महीने के अंदर वह परिसर छोड़ देंगे।

इस बीच, राकेश सिंह ने इस संपत्ति पर अपने पूर्वजों का हक जताया और दावा किया कि यहां पहले मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित थे, जिनकी पुनर्स्थापना की जानी चाहिए। वहीं, श्याम सुंदर नाम के व्यक्ति ने कहा कि यदि समिति कब्जा छोड़ देती है, तो वह इस संपत्ति की देखरेख करेंगे। उनका कहना था कि यह संपत्ति मंदिर से संबंधित जरूर है, लेकिन कभी यहां मूर्ति या पूजा नहीं हुई।

कटघर के जिस स्थान पर मंदिर हटाकर समिति का बोर्ड लगाया गया था, उससे संबंधित दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये दस्तावेज उर्दू भाषा में हैं, जिनका हिंदी अनुवाद भी संलग्न किया गया है। बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज राकेश सिंह ने वायरल किए हैं, जो इस संपत्ति पर दावा कर रहे हैं।

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