कर्ज घटाने के प्रयासों से अनिल अग्रवाल की कंपनी को मिली बेहतर रेटिंग
माइनिंग से जुड़ी कंपनी वेदांता लिमिटेड की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (वीआरएल) के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। दरअसल, रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वीआरएल की रेटिंग में सुधार किया है। एसएंडपी ने कंपनी की कारोबारी परिवार रेटिंग को ‘बी-‘ (बी निगेटिव) से बढ़ाकर ‘बी’ कर दिया है। यह सुधार पिछले साल दिसंबर में कंपनी को मिली ‘सीसी’ रेटिंग के मुकाबले पांच स्तरों की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
एसएंडपी की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह अपग्रेड वीआरएल की 2028 बॉन्ड के लिए सहमति निवेदन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद संभव हुआ है। कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, और इसका असर अन्य प्रमुख रेटिंग एजेंसियों पर भी पड़ा है, जिन्होंने रेटिंग में सुधार किया है।
कर्ज में बड़ी कटौती
वेदांता रिसोर्सेज ने बीते दो वर्षों में अपने कर्ज को 4.7 अरब डॉलर तक कम किया है। समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय अनुशासन के जरिए समूह को अपने ऋण को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिली है। अपने शेयरधारकों को लिखे पत्र में अनिल अग्रवाल ने कहा कि वेदांता लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 20,639 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ऊंचा एबिटा (EBITDA) दर्ज किया है।
रिकॉर्ड उत्पादन और पूंजी संरचना में सुधार
वेदांता का एल्यूमीनियम और जस्ता उत्पादन अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। वहीं, पिछले चार महीनों में कंपनी ने बांड जारी कर 2 बिलियन डॉलर की राशि जुटाई है। इससे ब्याज लागत में 300 आधार अंकों की कमी आई है और कर्ज परिपक्वता अवधि को बढ़ाया गया है। यह कंपनी की पूंजी संरचना को स्थायित्व प्रदान करने में मददगार साबित हुआ है।
तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में वेदांता लिमिटेड ने 4,352 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में उसे 1,783 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड की सहायक कंपनी वेदांता लिमिटेड का कारोबार भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, लाइबेरिया, यूएई, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान जैसे देशों में फैला हुआ है। कंपनी तेल और गैस, जस्ता, सीसा, चांदी, तांबा, लौह अयस्क, स्टील, निकल, एल्यूमीनियम और बिजली जैसे क्षेत्रों में काम करती है।