बिटकॉइन की कीमत में भारी गिरावट, 6 दिनों में 12 लाख रुपए सस्ता हुआ
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हाल ही में, बिटकॉइन का दाम अपने उच्चतम स्तर से लगभग 12 लाख रुपये घट चुका है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं: पहला, उच्च मूल्यांकन के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, और दूसरा, अमेरिकी फेड रिजर्व की हालिया नीति क्रिप्टोकरेंसी के लिए अनुकूल नहीं रही, जिसका असर बिटकॉइन की कीमतों पर पड़ा।
इस गिरावट के कारण, बिटकॉइन अपने ऑलटाइम हाई से 13% सस्ता हो गया है, और इसके मार्केट कैप का आंकड़ा दो ट्रिलियन डॉलर से कम हो गया है।
आंकड़ों के अनुसार, 17 दिसंबर को बिटकॉइन ने 91,59,463 रुपये के साथ अपने जीवनकाल का उच्चतम स्तर छुआ था, जो अब घटकर 79,70,860 रुपये पर आ गया है, यानी 11,88,603 रुपये की गिरावट आई है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी निवेशक के पास 10 बिटकॉइन होते, तो उसे 1,18,86,030 रुपये का नुकसान हो चुका होता। जानकारों का मानना है कि भारत में बिटकॉइन की कीमतों में और भी गिरावट हो सकती है।
वहीं, विदेशी बाजारों में भी गिरावट का दौर जारी है। 17 दिसंबर को बिटकॉइन का मूल्य 108,268.45 डॉलर था, जो अब घटकर 93,690.73 डॉलर हो गया है, यानी 14,577.72 डॉलर की कमी आई है। इस गिरावट से निवेशकों को 13.46% का नुकसान हुआ है।
वर्तमान में, बिटकॉइन की कीमत 81,85,938 रुपये के आसपास है, जिसमें 1% की गिरावट आई है। वहीं, अमेरिकी बाजारों में इसकी कीमत 95,916.47 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है, जो 1.35% कम है।
बिटकॉइन की गिरावट का प्रमुख कारण उच्च मूल्यांकन और फेड रिजर्व की नीति है। हालाँकि, फेड ने अपनी पॉलिसी रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, लेकिन आने वाले साल के लिए केवल 50 बेसिस प्वाइंट की और कटौती का अनुमान है। इससे यह साफ है कि फेड अगले साल सिर्फ दो बार, 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगा, जो क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इस कारण, आने वाले दिनों में बिटकॉइन की कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है।