मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

16 फिल्मों में बनी देवी, ग्लैमरस किरदारों में भी दिखा उनका जलवा, बाद में बनीं ‘बॉलीवुड की मां’

16 फिल्मों में बनी देवी, ग्लैमरस किरदारों में भी दिखा उनका जलवा, बाद में बनीं ‘बॉलीवुड की मां’

बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री और ‘मां’ के रूप में मशहूर निरूपा रॉय का जन्म 4 जनवरी, 1931 को गुजरात के वलसाड में हुआ था। आज उनकी 93वीं जयंती है। निरूपा रॉय ने कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज सितारों की ऑन-स्क्रीन मां का किरदार निभाकर खास पहचान बनाई, जिसके चलते उन्हें ‘बॉलीवुड की मां’ के नाम से जाना जाता था। उनके अभिनय ने उन्हें एक अमिट स्थान दिलाया, और वह भारतीय सिनेमा में ‘मां’ के किरदार के लिए सबसे प्रमुख अभिनेत्री बन गईं।

निरूपा रॉय ने अपने करियर की शुरुआत गुजराती फिल्मों से की और अपने पांच दशकों के फिल्मी सफर में लगभग 300 फिल्मों में अभिनय किया। फिल्मों में आने से पहले उनका असली नाम कांता चौहान था। उनका मासूम चेहरा और ममता भरा अभिनय दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। हालांकि, उन्होंने सिर्फ मां के ही नहीं, बल्कि देवी के भी कई किरदार निभाए थे, जिनमें वे 16 फिल्मों में देवी के रूप में दिखीं, और इन किरदारों ने उन्हें दर्शकों के बीच एक देवी के रूप में पूजा जाने का सम्मान दिलाया।

निरूपा रॉय को 1950 के दशक की धार्मिक फिल्मों की ‘रानी’ कहा जाता था। ‘दीवार’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्में उनके करियर की महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हुईं, जहां उन्होंने अमिताभ बच्चन की मां के रूप में अभिनय किया। उनके ग्लैमरस रोल भी चर्चाओं में रहे थे, लेकिन उनके निभाए गए मां के किरदार ने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई।

उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘हमारी मंजिल’ थी, जबकि गुजराती फिल्म ‘रनकदेवी’ से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। 1953 में बिमल राय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। आखिरी बार वह 90 के दशक में आई फिल्म ‘लाल बादशाह’ में अमिताभ बच्चन की मां के रूप में नजर आईं। निरूपा रॉय का निधन 13 अक्टूबर 2004 को हुआ, लेकिन आज भी उनकी फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदार उनके फैंस के दिलों में जिंदा हैं।

Share This
अगला लेख → गुजरात में भूकंप के झटके महसूस किए गए, कच्छ के दुधई इलाके मे…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
29°C
Patchy light rain in area with thunder
💧 78% 💨 4 km/h
Dehradun