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16 फिल्मों में बनी देवी, ग्लैमरस किरदारों में भी दिखा उनका जलवा, बाद में बनीं ‘बॉलीवुड की मां’

16 फिल्मों में बनी देवी, ग्लैमरस किरदारों में भी दिखा उनका जलवा, बाद में बनीं ‘बॉलीवुड की मां’

बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री और ‘मां’ के रूप में मशहूर निरूपा रॉय का जन्म 4 जनवरी, 1931 को गुजरात के वलसाड में हुआ था। आज उनकी 93वीं जयंती है। निरूपा रॉय ने कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज सितारों की ऑन-स्क्रीन मां का किरदार निभाकर खास पहचान बनाई, जिसके चलते उन्हें ‘बॉलीवुड की मां’ के नाम से जाना जाता था। उनके अभिनय ने उन्हें एक अमिट स्थान दिलाया, और वह भारतीय सिनेमा में ‘मां’ के किरदार के लिए सबसे प्रमुख अभिनेत्री बन गईं।

निरूपा रॉय ने अपने करियर की शुरुआत गुजराती फिल्मों से की और अपने पांच दशकों के फिल्मी सफर में लगभग 300 फिल्मों में अभिनय किया। फिल्मों में आने से पहले उनका असली नाम कांता चौहान था। उनका मासूम चेहरा और ममता भरा अभिनय दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया। हालांकि, उन्होंने सिर्फ मां के ही नहीं, बल्कि देवी के भी कई किरदार निभाए थे, जिनमें वे 16 फिल्मों में देवी के रूप में दिखीं, और इन किरदारों ने उन्हें दर्शकों के बीच एक देवी के रूप में पूजा जाने का सम्मान दिलाया।

निरूपा रॉय को 1950 के दशक की धार्मिक फिल्मों की ‘रानी’ कहा जाता था। ‘दीवार’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्में उनके करियर की महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित हुईं, जहां उन्होंने अमिताभ बच्चन की मां के रूप में अभिनय किया। उनके ग्लैमरस रोल भी चर्चाओं में रहे थे, लेकिन उनके निभाए गए मां के किरदार ने उन्हें एक विशेष पहचान दिलाई।

उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘हमारी मंजिल’ थी, जबकि गुजराती फिल्म ‘रनकदेवी’ से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। 1953 में बिमल राय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। आखिरी बार वह 90 के दशक में आई फिल्म ‘लाल बादशाह’ में अमिताभ बच्चन की मां के रूप में नजर आईं। निरूपा रॉय का निधन 13 अक्टूबर 2004 को हुआ, लेकिन आज भी उनकी फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदार उनके फैंस के दिलों में जिंदा हैं।

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