मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

पेपर कप में चाय-कॉफी का सेवन स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है? जानें विशेषज्ञों की राय

पेपर कप में चाय-कॉफी का सेवन स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है? जानें विशेषज्ञों की राय

सर्दियों में लोग चाय और कॉफी का सेवन बहुत अधिक करते हैं, और इसके लिए डिस्पोज़ेबल कप का इस्तेमाल बढ़ गया है। हालांकि, यह सोच आम है कि कागज के कप सेहत के लिहाज से सुरक्षित होते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बिलकुल सही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर कप बनाने में कई प्रकार के केमिकल और प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है, जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इस मुद्दे पर नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित उपाध्याय से बात की गई, जिन्होंने बताया कि पेपर कप सेहत के लिए क्यों खतरनाक हो सकते हैं और इसके बजाय हमें कौन से विकल्प चुनने चाहिए।

पेपर कप सेहत के लिए नुकसानदायक: चाय या कॉफी के लिए लोग अक्सर कागज के कप का उपयोग करते हैं, लेकिन इन कपों को पानी या अन्य तरल पदार्थों से बचाने के लिए इन पर एक खास तरह की अल्ट्रा थिन प्लास्टिक कोटिंग की जाती है, जिसे माइक्रोप्लास्टिक्स कहा जाता है। यह प्लास्टिक की परत कप के अंदर घुलने लगती है जब उसमें गर्म पेय डाला जाता है। माइक्रोप्लास्टिक के कण इतने छोटे होते हैं कि इनको सिर्फ माइक्रोस्कोप से देखा जा सकता है, लेकिन ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं। इन कणों का सेवन करने से हार्मोनल असंतुलन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

क्या कहती है रिसर्च? आईआईटी खड़गपुर द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, एक कागज के कप में लगभग 20,000 से 25,000 माइक्रोप्लास्टिक के कण हो सकते हैं, अगर उसमें 15 मिनट तक कोई गर्म पेय रखा जाए। ये कण शरीर में प्रवेश करके गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

बेहतर विकल्प क्या हैं? इसलिए, अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए पेपर कप का उपयोग करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, चीनी मिट्टी के कप या स्टेनलेस स्टील के कप का उपयोग करें। यदि आप बाहर चाय या कॉफी पी रहे हैं, तो मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसके अलावा, आप अपने साथ ऐसे कप रख सकते हैं, जिन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा होगा, बल्कि हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद रहेगा।

Share
अगला लेख → गुस्सा कौन-कौन सी बीमारियों का कारण बनता है? जानें इसके खतरन…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *