मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

छात्रों के लिए पीएम मोदी के खास टिप्स, ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ में बताया तनाव से कैसे बचें

छात्रों के लिए पीएम मोदी के खास टिप्स, ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ में बताया तनाव से कैसे बचें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के आठवें संस्करण में देशभर के छात्रों को परीक्षा और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने चर्चा की शुरुआत पोषण के महत्व से की और उसके बाद इस बात पर जोर दिया कि हमें रोबोट की तरह नहीं जीना चाहिए। साथ ही, उन्होंने लिखने की आदत डालने और डिप्रेशन से बचने के उपाय भी साझा किए।

अक्सर देखा जाता है कि कई छात्र चुपचाप रहने लगते हैं और लोगों से कम बातचीत करते हैं, जिससे वे धीरे-धीरे अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाते हैं। यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवार के लिए भी चिंता का विषय बन जाता है। इस समस्या से बचने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को सुझाव दिया कि वे अपने मन की कोई भी बात मन में न रखें, बल्कि खुलकर अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से चर्चा करें। उन्होंने कहा कि बचपन में बच्चे अपने माता-पिता से हर छोटी-बड़ी बात साझा करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, उनसे दूर होने लगते हैं। इससे बचने के लिए संवाद बनाए रखना बहुत जरूरी है।

किताबी कीड़ा न बनें, लेकिन सीखने से न डरें

पीएम मोदी ने छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रहने की सलाह दी, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान जहां से भी मिले, उसे ग्रहण करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से लिखने की आदत पर जोर दिया और कहा कि लिखने की आदत किसी भी उम्र में होनी चाहिए, क्योंकि यह सीखने और समझने की प्रक्रिया को मजबूत बनाती है।

असफलता से घबराने की जरूरत नहीं

उन्होंने छात्रों को असफलता से डरने के बजाय उसे एक सीख के रूप में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने उदाहरण दिया कि कई बच्चे स्कूल में फेल हो जाते हैं, लेकिन फिर से प्रयास कर आगे बढ़ते हैं। असफलता का मतलब यह नहीं कि जीवन रुक गया है। प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह तय करने के लिए प्रेरित किया कि वे केवल परीक्षा में सफल होना चाहते हैं या जीवन में भी सफलता हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति में कुछ कमियां होती हैं, लेकिन साथ ही हर किसी के पास कुछ न कुछ विशेष योग्यता भी होती है। इसलिए, अपनी अच्छाइयों पर ध्यान केंद्रित करें और आगे बढ़ें

Share
अगला लेख → दिल्ली को जल्द मिलेगा नया मुख्यमंत्री, भाजपा की बड़ी जीत के …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *