मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

ट्रंप का बयान, भारत टैरिफ में बड़ी कटौती करने जा रहा है, Liberation Day से पहले

ट्रंप का बयान, भारत टैरिफ में बड़ी कटौती करने जा रहा है, Liberation Day से पहले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कई बार इस बात का जिक्र किया था कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो सबसे अधिक शुल्क वसूलते हैं। लेकिन अब ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें यह सुनने को मिला है कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क में भारी कमी करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैंने कुछ समय पहले सुना था कि भारत अपने शुल्क में भारी कटौती करने वाला है और मैंने सोचा, ऐसा बहुत पहले क्यों नहीं किया गया।”

यह टिप्पणी ट्रंप की उस घोषणा के ठीक पहले आई है, जब अमेरिका 2 अप्रैल को पारस्परिक शुल्क लागू करने जा रहा है। ट्रंप के इस पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) ने वैश्विक नीति निर्माताओं के बीच चिंता का माहौल बना दिया है। व्हाइट हाउस ने भारत को उन देशों में शामिल किया है, जो “अनुचित” हैं और जो उच्च शुल्क लगाकर अमेरिकी निर्यातकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

अमेरिकी कारोबार पर असर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगा देता है, जिससे अमेरिकी उत्पादों का विदेशी बाजारों में पहुंचना “लगभग असंभव” हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य देश भी ऐसे ही शुल्क लगा रहे हैं। यूरोपीय संघ अमेरिका के डेयरी उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लेता है, जापान अमेरिकी चावल पर 700 प्रतिशत शुल्क वसूलता है, और कनाडा ने अमेरिकी बटर और चीज पर लगभग 300 प्रतिशत शुल्क लगा रखा है। लेविट के मुताबिक, “इससे अमेरिकी उत्पादों को इन देशों में आयात करना बहुत मुश्किल हो गया है और इससे अमेरिका के कई कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा है।”

‘ट्रंप करेंगे ऐतिहासिक बदलाव’ समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, लेविट ने कहा, “यह देश बहुत लंबे समय से हमारे साथ अन्याय कर रहे हैं, और यह अमेरिकी श्रमिकों के प्रति एक स्पष्ट तिरस्कार है। अब यह समय है जब हमें पारस्परिकता की नीति अपनानी चाहिए।” लेविट ने यह भी कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहे हैं, और यह बदलाव बुधवार को होगा।” उन्होंने कहा, “बुधवार को अमेरिका में मुक्ति दिवस मनाया जाएगा, जैसा कि राष्ट्रपति ने गर्व से कहा है। राष्ट्रपति एक नई टैरिफ योजना की घोषणा करेंगे, जो अमेरिकी श्रमिकों के हित में होगी।”

Share
अगला लेख → लोकसभा में कल वक्फ संशोधन बिल पर होगी चर्चा, NDA और INDIA के…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *