इन्फोसिस का Q4 मुनाफा 12% कम, रेवेन्यू में वृद्धि, डिविडेंड की घोषणा
इन्फोसिस ने अपनी चौथी तिमाही के परिणामों की घोषणा कर दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 11.7 प्रतिशत घटकर 7,033 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा 7,969 करोड़ रुपये था। तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 40,925 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 37,923 करोड़ रुपये था, यानी इसमें 7.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही के मुकाबले जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में इन्फोसिस का मुनाफा 3.3 प्रतिशत बढ़ा है, हालांकि रेवेन्यू में 2 प्रतिशत की गिरावट आई है। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इन्फोसिस का मुनाफा 1.8 प्रतिशत बढ़कर 26,713 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 6.06 प्रतिशत बढ़कर 1,62,990 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के सीईओ सलिल पारेख ने कहा कि यह सफलता हमारे ग्राहकों के विश्वास और कर्मचारियों के समर्पण का परिणाम है, जिसमें हम ग्राहक-केंद्रित नीतियों और बाजार की जिम्मेदारी पर विशेष ध्यान देते हुए एक मजबूत संगठन के रूप में विकसित हुए हैं।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इन्फोसिस ने स्थिर मुद्रा पर रेवेन्यू में 0 से 3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया है। कंपनी का कैश फ्लो वित्त वर्ष 2024-25 में 4.1 अरब डॉलर रहा, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है। पिछले वित्त वर्ष के अंत में इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या 3,23,578 थी। कंपनी ने 22 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। बीएसई पर इन्फोसिस का शेयर 0.51 प्रतिशत बढ़कर 1,420.20 रुपये पर बंद हुआ।